महाराष्ट्र में रिक्शा-टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा प्रशिक्षण जारी रहेगा: प्रताप सरनाईक
मुंबई, 25 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार को मुंबई में कहा कि राज्य में रिक्शा और टैक्सी चलाने वाले अमराठी ड्राइवरों को यात्रियों से बातचीत के लिए मराठी भाषा की व्यावहारिक जानकारी होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से परिवहन विभाग ने सामाजिक प्रतिबद्धता के तहत 105 दिनों की विशेष पहल के माध्यम से राज्य के करीब 1 लाख 65 हजार 800 रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण दिया है। यह पहल आगे भी जारी रहेगी।
परिवहन मंत्री सरनाईक ने आज मंत्रालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर श्रमिक नेता शशांक राव के साथ कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के पदाधिकारी मौजूद थे।
मंत्री सरनाईक ने कहा कि रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण देने की पहल को ड्राइवरों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की पहचान और संस्कृति का सम्मान करना जरूरी है। जो ड्राइवर अब भी मराठी सीखना चाहते हैं, उनके लिए कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के माध्यम से कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
मुंबई, ठाणे, भिवंडी, नालासोपारा, वसई-विरार और नवी मुंबई में प्रशिक्षण केंद्रों की सूची संबंधित आरटीओ अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है। प्रशिक्षण केंद्रों की जानकारी के लिए जल्द ही आरटीओ के माध्यम से अलग संपर्क नंबर जारी किया जाएगा। परिवहन विभाग ने यह पहल सामाजिक प्रतिबद्धता और समाजसेवा की भावना से शुरू की है। उन्होंने कहा कि विभाग के निर्देशों का उल्लंघन कर कानून के दायरे से बाहर काम करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई करना विभाग की जिम्मेदारी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

