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सहनशीलता की सीमा टूटने वाली है, सरकार को चेतावनी देते हुए बोले मनोज जरांगे

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मुंबई, 04 अक्टूबर (हि.स.)। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने रविवार को महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें और मराठा आंदोलनकारियों को लगातार परेशान किया जा रहा है। अब उनके सब्र का बांध टूटने वाला है। उन्होंने केंद्र सरकार से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी की।

मनोज जरांगे ने मराठा समुदाय से नारायणगढ़ में आयोजित होने वाले दशहरा समागम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच मिलीभगत को लेकर लोगों का संदेह बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को ज्ञानेश कुमार को हटाकर उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति करनी चाहिए।

सरकार की आलोचना करते हुए जरांगे ने आरोप लगाया कि राज्य में अन्याय और अत्याचार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब शासकों की कथित गुंडागर्दी और आतंक को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। जरांगे ने राज्य में सूखे की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने किसानों को एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता देने, किसानों का कर्ज एकमुश्त माफ करने और गांवों में चारा शिविर शुरू करने की मांग की।

मराठा आरक्षण आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए गुंडों का इस्तेमाल किया गया और उन्हें तथा आंदोलनकारियों को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब सब्र की सीमा टूटने वाली है। जरांगे ने कहा कि जिन लोगों ने सरकार को सत्ता में बैठाया है, वही उसे सत्ता से नीचे भी उतार सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव