मराठा आरक्षण : मनोज जारांगे ने शुरु की भूख हड़ताल
मुंबई, 30 मई (हि.स.)। मराठा नेता मनोज जारांगे पाटिल ने मराठा आरक्षण से संबंधित मांगों के समर्थन में शनिवार सुबह 10 बजे से जालना जिले में भूख हड़ताल शुरु कर दी है। मनोज जारांगे खुले में भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
मराठा नेता मनोज जारांगे पाटिल से मिलने आज मराठा रिज़र्वेशन सब-कमेटी के चीफ़ और राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल आज सीधे जालना पहुंचे और राज्य सरकार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मराठों की मांगों को लेकर पूरी तरह सकारात्मक है, इसलिए मनोज जारांगे जिद करना बंद करें और भूख हड़ताल रोक दें। उन्होंने कहा कि अगर जारांगे को अनशन करना ही है, तो धूप में बैठने के बजाय छांव में करें, अपनी सेहत को खतरे में न डालें।
विखे पाटिल ने यह भी कहा कि मैं मानता हूं कि देरी हुई है, लेकिन हम इसे इज़्ज़त का मुद्दा नहीं बनाना चाहते!उन्होंने कहा, मराठा कम्युनिटी की मांगों पर सरकारी लेवल पर काम चल रहा है। हम इस बात से इनकार नहीं करते कि कुछ गलतियां और मुश्किलें थीं। उन्होंने कहा कि अगर हम जल्दबाजी में मंजूरी दे देते हैं और यह अदालत में टिक नहीं पाता है, तो समाज के साथ धोखा होगा!
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मनोज जारांगे को अपनी भूख हड़ताल वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा सरकार पूरी तरह मराठा समाज के प्रति सकारात्मक है, इसलिए मनोज जारांगे को अपनी भूख हड़ताल वापस ले लेनी चाहिए।
मनोज जारांगे पाटिल ने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें जो संदेश भेजा गया है, उस संबंध में वे कोर कमेटी और एक्सपर्ट्स से चर्चा करेंगे। इसके बाद वे अपना निर्णय घोषित करेंगे। इस तरह सरकार की ओर बार- बार की जा रही विनती को अमान्य करते हुए जारांगे ने आज अपनी भूख हड़ताल शुरु कर दी है। हालांकि सरकार की ओर से मराठा नेता को हड़ताल वापस लेने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने मराठा समाज को शांति बनाए रखने की अपील की है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

