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महाराष्ट्र के वित्तीय तंत्र में बदलाव के लिए छह महीने में तैयार करें प्लान: फडणवीस

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मुंबई, 28 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को राज्य के वित्तीय और प्रशासनिक तंत्र में जरूरी बदलावों के लिए छह महीने के भीतर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में फंड जुटाने, लेखांकन और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी आवंटन पर तेजी से काम करने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथिगृह में महाराष्ट्र सस्टेनेबल पब्लिक फाइनेंस कमेटी की बैठक हुई। इसमें राज्य के कर और गैर-कर राजस्व बढ़ाने के उपायों के साथ वित्तीय प्रबंधन में सुधार पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पारंपरिक राजस्व संग्रह के तरीकों से आगे बढक़र राज्य की विकास योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के नए विकल्प तलाशने होंगे। उन्होंने कहा कि करीब छह से सात हजार करोड़ रुपये विभिन्न राज्य संस्थानों में लगभग चार प्रतिशत ब्याज दर पर निवेश किए जाते हैं, जबकि राज्य सरकार को बाजार से आठ से नौ प्रतिशत की ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता है। इस अंतर को कम करने के लिए उपलब्ध निधि के प्रभावी इस्तेमाल की व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे वित्तीय साधन तलाशे जाने चाहिए, जिससे संबंधित संस्थानों की वित्तीय स्वतंत्रता भी बनी रहे और उनकी निधि भी सुरक्षित रहे।

मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और खर्च प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फंड की गलत योजना के कारण निवेश का अपेक्षित आर्थिक प्रभाव नहीं मिल पाता। इसलिए पूरे प्रशासनिक तंत्र की समीक्षा कर खर्च की प्रभावशीलता बढ़ानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञ समिति का गठन महज औपचारिकता के लिए नहीं किया गया है। सरकार समिति की सिफारिशों को गंभीरता से लागू करते हुए मौजूदा वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करेगी।

बैठक में वित्त राज्यमंत्री आशीष जायसवाल, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, समिति के अध्यक्ष विजय केलकर सहित वरिष्ठ अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव