मुख्यमंत्री फडणवीस का निर्देश: सीएसआर फंड के लिए बनेगा 'महा सीएसआर प्राधिकरण', जल्द तैयार होगा प्रस्ताव
मुंबई, 21 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (एससीआर) निधि के अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समन्वित उपयोग के लिए ‘महा सीएसआर प्राधिकरण’ स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिया है।
सह्याद्री अतिथिगृह में आज मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य में एससीआर निधि के प्रभावी उपयोग पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि एससीआर के तहत विभिन्न गतिविधियां वर्तमान में अलग-अलग स्तरों पर स्वतंत्र रूप से संचालित हो रही हैं। इन्हें एक साझा मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित प्राधिकरण की आवश्यकता है। फडणवीस ने कहा कि ‘महा सीएसआर प्राधिकरण’ के माध्यम से ष्टस्क्र निधि के समन्वय, निगरानी और उचित उपयोग को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सरकार की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और परियोजनाओं की गुणवत्तापूर्ण ‘प्रोजेक्ट बैंक’ तैयार कर उसे कंपनियों तथा गैर-सरकारी संगठनों के लिए उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि एससीआर के लिए पात्र लघु एवं मध्यम उद्योगों को उपयुक्त परियोजनाओं और एनजीओ के चयन में मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। साथ ही राज्य में उत्कृष्ट एससीआर पहलों को प्रोत्साहित किया जाए। सरकार की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को आवश्यकता के अनुसार ष्टस्क्र निधि से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना भी इस पहल का प्रमुख उद्देश्य होगा।
मुख्यमंत्री ने एससीआर के माध्यम से निर्मित परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई बार परियोजनाएं बनने के बाद उनके रखरखाव के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध नहीं होती, जिससे कुछ वर्षों बाद वे निष्क्रिय हो जाती हैं। इस स्थिति से बचने के लिए पुरानी परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत को भी ष्टस्क्र प्राधिकरण के माध्यम से प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फडणवीस ने विदेशों तथा राज्य के बाहर रहने वाले महाराष्ट्र से संबंधित नागरिकों की भागीदारी के माध्यम से एससीआर और सामाजिक विकास के लिए निधि जुटाने के उद्देश्य से ‘डायस्पोरा कनेक्ट’ की अवधारणा का अध्ययन करने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। इसकी गवर्निंग काउंसिल में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी गवर्निंग काउंसिल के सदस्य-सचिव होने के साथ-साथ कार्यकारी काउंसिल के प्रमुख भी होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

