महाराष्ट्र को वैश्विक आभूषण निर्माण और निर्यात केंद्र बनाएगा इंडिया ज्वेलरी पार्क : फडणवीस
- नवी मुंबई के महापे में 22 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा अत्याधुनिक आभूषण निर्माण केंद्र
मुंबई, 25 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई की ‘इंडिया ज्वेलरी पार्क’ परियोजना राज्य को वैश्विक आभूषण निर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आधुनिक तकनीक, कुशल कारीगरों, मजबूत कारोबारी नेटवर्क और अनुकूल औद्योगिक वातावरण के बल पर महाराष्ट्र वैश्विक आभूषण उद्योग में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
मुख्यमंत्री फडणवीस रविवार को नवी मुंबई के महापे स्थित टीटीसी औद्योगिक क्षेत्र में ‘इंडिया ज्वेलरी पार्क, परियोजना के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र अपनी व्यावसायिक क्षमता, कुशल मानव संसाधन, उद्यमिता और पेशेवर कार्यशैली के लिए दुनियाभर में पहचाने जाते हैं। राज्य में अनुभवी कारीगरों, उद्यमियों और व्यापारिक नेटवर्क की मजबूत व्यवस्था है। इन क्षमताओं का समुचित उपयोग कर महाराष्ट्र को वैश्विक आभूषण उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
फडणवीस ने कहा कि अमेरिका और चीन जैसे बड़े बाजारों में बदलती परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सामने नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में उद्योगों को वैश्विक बाजार की बदलती जरूरतों को समझते हुए आधुनिक तकनीक, उत्पाद नवाचार और निर्यात के नए अवसरों को अपनाना होगा। इंडिया ज्वेलरी पार्क इस दिशा में आभूषण उद्योग को आधुनिक सुविधाओं से युक्त मंच उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नवी मुंबई के महापे में लगभग 22 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक आभूषण निर्माण केंद्र विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना आभूषण उद्योग के दीर्घकालीन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले 30 से 40 वर्षों में इस परियोजना को महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास की एक दूरदर्शी पहल के रूप में याद किया जाएगा।
फडणवीस ने कहा कि किसी भी उद्योग की स्थापना के लिए केवल जमीन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए बिजली, पानी, सड़क, पूंजी, आधुनिक बुनियादी ढांचे और विभिन्न विभागों से समय पर मंजूरी मिलना भी आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इंडिया ज्वेलरी पार्क के निर्माण में आने वाली बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि परियोजना को शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय तथा साझेदारी जरूरी है। सरकार की जिम्मेदारी उद्योगों की आवश्यकताओं को समझना, उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, वन मंत्री गणेश नाइक, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अन्बलगन, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपेंद्र कुशवाहा, जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के अध्यक्ष किरीट भंसाली, उपाध्यक्ष शौनक पारीख सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

