ज़रूरतमंदों को घर देने के लिए फडणवीस सरकार प्रतिबद्ध: जयकुमार गोरे
मुंबई, 05 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र के ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने गुरुवार को विधान परिषद में कहा कि राज्य सरकार सूबे में हर जरुरतमंद को उनके हक का घर देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत पिछले वर्ष चार लाख घर जरुरतमंदों को दिए गए हैं।
ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे विधान परिषद में सदस्य अमोल मिटकरी की ओर से जरुरतमंद लोगों को घर दिए जाने संबंधी एक सवाल का जवाब दे रहे थे। मंत्री गोरे ने कहा कि देश के हर परिवार को घर देना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक बड़ी पहल है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हत, केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्रोग्राम लागू किया है जिसका मकसद यह पक्का करना है कि देश में कोई भी परिवार बिना घर के न रहे। यह स्कीम महाराष्ट्र में भी अच्छे से लागू हो रही है और पिछले साल राज्य में करीब चार लाख लोगों को घर दिए गए।
मंत्री गोरे ने कहा कि पिछले साल राज्य में 28 लाख 24 हज़ार 386 घरों को मंज़ूरी दी गई। यह देश के इतिहास में घरों की सबसे बड़ी मंज़ूरी है। पिछले एक साल में राज्य में 3 लाख 95 हज़ार 222 घरों का कंस्ट्रक्शन पूरा हुआ है और यह एक रिकॉर्ड है। अभी 23 लाख 92 हज़ार 242 घरों का काम चल रहा है। केंद्र सरकार ने फंड बांटने के लिए 'सिंगल नोडल एजेंसी' और 'रियल टाइम इंटीग्रेटेड फंड ट्रांसफर' का नया सिस्टम शुरू किया था, जिससे किश्तों के बंटवारे में कुछ समय के लिए देरी हुई थी।
उन्होंने कहा कि अब जब यह सिस्टम चालू हो गया है, तो फंड बांटने का काम आसानी से हो रहा है। राज्य सरकार ने घरकुल बनाने के लिए सब्सिडी में और मदद देने का फैसला किया है। केंद्र और राज्य सरकारों से मिलने वाली सब्सिडी के अलावा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के फैसले के मुताबिक, घरकुल के लिए 50 हज़ार रुपये और दिए जा रहे हैं। जिसमें से 35 हज़ार रुपये बनाने के लिए और 15 हज़ार रुपये घर पर सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए दिए जाते हैं। इसके अलावा, मनरेगा के तहत 90 दिन की मज़दूरी, स्वच्छ भारत मिशन के तहत टॉयलेट के लिए 12 हज़ार रुपये, यानी एक घर के लिए करीब 2 लाख 10 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। सरकार ने घरकुल बनाने के लिए ज़रूरी रेत मुफ़्त देने का भी फ़ैसला किया है और योग्य लाभार्थियों को बिना रॉयल्टी के 5 ब्रास तक रेत दी जाती है। साथ ही, पंडित दीनदयाल उपाध्याय घरकुल ज़मीन खरीदने की स्कीम के तहत बिना ज़मीन वाले लाभार्थियों के लिए ज़मीन खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी 50 हज़ार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

