पेपर लीक की घटनाओं के बाद भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बनाई हाई-लेवल कमेटी
मुंबई, 05 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी राज्य भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शक बनाने का प्रयास करेगी।
राज्य सरकार से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार इस कमेटी की अध्यक्षता सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा करेंगी। हाई-लेवल कमेटी में पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, नासिक संभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी, यूपीएससी के पूर्व सदस्य एयर मार्शल अजीत शंकरराव भोसले और आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर श्याम प्रसाद करगडे शामिल है। हाई-लेवल कमेटी विभिन्न विभागों में होने वाली भर्ती परीक्षाओं और उनकी पूरी प्रक्रिया का अध्ययन करेगी। मौजूदा परीक्षा प्रणाली की समीक्षा करने के साथ ही उसमें आवश्यक सुधारों के सुझाव भी दिए जाएंगे। कमेटी का मुख्य उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
कमेटी प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया, उसकी गोपनीयता, डिजिटल माध्यम से प्रश्नपत्र के वितरण और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन करेगी। इसके अलावा पेपर लीक, अभ्यर्थियों की जगह दूसरे व्यक्ति के परीक्षा देने (इम्पर्सनेशन), मिलीभगत और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली गड़बडिय़ों को रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे। कमेटी भर्ती परीक्षा की पूरी प्रक्रिया का अध्ययन करने के बाद राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इसके लिए कमेटी राज्य के विभिन्न राजस्व विभागों का दौरा करेगी और छात्रों एवं अभ्यर्थियों, शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा करेगी।
कमेटी उनके सुझावों और अनुभवों को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक उपाय सुझाएगी। इसके साथ ही देश के अन्य राज्यों में अपनाई जा रही भर्ती प्रक्रियाओं की बेस्ट प्रैक्टिसेस का अध्ययन किया जाएगा। जरूरत पडऩे पर अन्य देशों की परीक्षा प्रणालियों का भी अध्ययन कर महाराष्ट्र के लिए उपयुक्त व्यवस्था तैयार करने की सिफारिश की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

