मुंबई को टीबी मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी आवश्यक : राज्यपाल
मुंबई, 26 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मंगलवार को मुंबई में कहा कि मुंबई को टीबी मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा आज मुंबई के सायन अस्पताल में मुंबई नगर निगम की ओर से शुरु किए टीबी मुक्त मुंबई कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव ने राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम में सहभागी स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सम्मान किया। उन्होंने कहा कि बृहन्मुंबई और आसपास के क्षेत्रों की आबादी लगभग दो करोड़ तक पहुंच चुकी है। अत्यधिक जनसंख्या घनत्व के कारण टीबी जैसे संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा अधिक रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र लोकभवन की पहल पर ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान शुरू किया गया है, जिसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि यदि मुंबई को टीबी मुक्त बनाने में सफलता मिलती है, तो यह केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए एक उदाहरण बनेगा और इससे मुंबई की वैश्विक छवि और अधिक मजबूत होगी। इस अभियान के विभिन्न चरणों में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थी, रेड क्रॉस सोसायटी, एनसीसी, ‘माय युवा भारत’ के स्वयंसेवक, स्काउट्स एवं गाइड, स्वयंसेवी संस्थाएं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि समय पर उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। सरकार द्वारा इसकी जांच और उपचार की सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। यह जानकारी जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत का टीबी मुक्त होना आवश्यक है और इस दिशा में ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार और समाज मिलकर कार्य करें तो सफलता अवश्य मिलती है।
इस अवसर पर मुंबई की महापौर रितू तावडे, उपमहापौर संजय घाडी, विधायक कॅप्टन तमिल सेल्वन , विधायक डॉ ज्योती गायकवाड, राज्यपाल के सचिव डॉ प्रशांत नारनवरे, डॉक्टर, आशा सेविकाएं तथा महानगरपालिका के अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

