विश्व मैत्री दिवस संपूर्ण मानवता का उत्सव बने : राज्यपाल
मुंबई, 04 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने रविवार को कहा कि भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य के सिद्धांत केवल धार्मिक शिक्षाएं नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण, न्यायपूर्ण और मानवीय समाज की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व संघर्ष, युद्ध और असहिष्णुता से जूझ रहा है, ऐसे समय में भगवान महावीर का क्षमा और मैत्री का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो गया है। यह संदेश किसी एक धर्म या समाज तक सीमित न रहकर संपूर्ण मानवता का उत्सव बने।
राज्यपाल वर्मा आज भारत जैन महामंडल की ओर से घाटकोपर पूर्व स्थित आराध्य भक्ति पार्क डोम में आयोजित सामूहिक क्षमापना, विश्व मैत्री दिवस और जैन समाज रत्न अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन का अनेकांतवाद हमें सत्य के विभिन्न पहलुओं को समझने और दूसरों के दृष्टिकोण का सम्मान करने की सीख देता है। मतभेदों का सम्मान और संवाद के माध्यम से समाधान खोजना शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्षमापना आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और संबंधों को बेहतर बनाने का अवसर है। अपनी गलती स्वीकार कर क्षमा मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि आंतरिक शक्ति का प्रतीक है।
राज्यपाल ने कहा कि जैन धर्म का मैत्री भाव केवल मनुष्य तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण जीवसृष्टि के प्रति करुणा और कल्याण की भावना को बढ़ावा देता है। क्षमा, करुणा और मैत्री को जीवन में अपनाने से सामाजिक कटुता और संघर्ष कम किए जा सकते हैं। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों पर भगवान महावीर की अहिंसा परंपरा और श्रीमद राजचंद्रजी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन के प्रभाव का उल्लेख करते हुए इसे भारत की महान सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत विरासत बताया। राज्यपाल ने भारत जैन महामंडल की 126 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए जैन धर्म के सिद्धांतों, आध्यात्मिक मूल्यों, सामाजिक एकता और मानव सेवा को आगे बढ़ाने में संस्था के योगदान की सराहना की।
कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि जैन समाज के अनेक लोग विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य कर रहे हैं। अब सामूहिक रूप से सामाजिक उपक्रमों को अपनाने की आवश्यकता है। आयुष्मान भारत योजना, तालाब स्वच्छता सहित अन्य सरकारी
योजनाओं के क्रियान्वयन में जैन समाज की सक्रिय भागीदारी से शासन और समाज के बीच समन्वय और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सूखे जैसी स्थिति में भी जैन समाज को सेवा भाव से आगे आना चाहिए। नागरिकों, किसानों और पशुधन के लिए पानी और चारे की आवश्यकता है। ऐसे संकट के समय शासन के साथ मिलकर सेवा कार्यों को गति देने की जरूरत है।
समाज सेवा, उद्योग और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विधायक पराग शाह, सुखराज नाहर, कैलाशचंद जैन और सुरेश गोयल को राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने जैन समाज रत्न पुरस्कार प्रदान किया। राज्यपाल ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी गणमान्यों को बधाई देते हुए कहा कि उनके कार्य समाज के अन्य लोगों को भी सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में मुंबई की महापौर रितु तावड़े, विधायक पराग शाह, भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड, शिवलाल पोखरणा, जैन मुनि मुनिराज मुक्त निलय विजय, आचार्य साध्वी श्री योगक्षेम प्रभा, राष्ट्रसंत गुरुदेव श्री नम्रमुनी सहित विभिन्न जैन संप्रदायों के आचार्य, संत, मुनि और साध्वी उपस्थित थे। भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष भूपेश कोठारी ने आभार व्यक्त किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

