दिव्यांगों पर दया नहीं, समान अवसर देना समाज की जिम्मेदारी : राज्यपाल
मुंबई, 19 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने शनिवार को कहा कि दिव्यांगों को उनकी विकलांगता के बजाय उनकी काबिलियत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल वर्मा शनिवार को वर्मा फाउंडेशन और मैत्री पीस फाउंडेशन की ओर से लोक भवन सेवा संकल्प अभियान के तहत वाई. बी. चव्हाण हॉल में आयोजित व्हीलचेयर वितरण शिविर और नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ लोगों को सेवा और जनकल्याण के कार्यों के माध्यम से एकजुट होने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को नि:शुल्क व्हीलचेयर उपलब्ध कराना सेवा संकल्प की भावना का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण, जिम्मेदारी और साझा मानवीय संवेदना की अभिव्यक्ति है। महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए, जे पीड़ परायी जाणे रे’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों के दर्द और तकलीफ को समझना भी सेवा का ही हिस्सा है। कार्यक्रम के दौरान 11 दिव्यांग लाभार्थियों को व्हीलचेयर वितरित की गईं। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 32 लोगों को गवर्नर जिष्णु देव वर्मा और अन्य अतिथियों ने नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर राजेश ओझा महाराज, मैत्री पीस फाउंडेशन के प्रेसिडेंट सुरजीत बरुआ, सेक्रेटरी मिलन पारेख, वर्मा फाउंडेशन के प्रेसिडेंट वसुमुदुमुरी वर्मा, पी. एन. स्वामी महाराज, गवर्नर के सेक्रेटरी डॉ. प्रशांत नारनवारे, पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित सोमा घोष, सोशल वर्कर नवीन चंद्रा, राहुल पाटिल सहित नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड विजेता, लाभार्थी और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां उपस्थित थीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

