नशीले पदार्थों का सेवन जीवन नहीं, जीवन बर्बाद करने का रास्ता: राज्यपाल
मुंबई, 17 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने गुरुवार को मुंबई में कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन जीवन नहीं, बल्कि जीवन को बर्बाद करने का रास्ता है। ‘ड्रग इज नॉट कूल, इट्स क्रूएल’ का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी व्यसनाधीन व्यक्ति की मदद करना उसके निजी जीवन में हस्तक्षेप नहीं, बल्कि उसे सामान्य जीवन की ओर वापस लाने का प्रयास है। व्यसनाधीनता की गंभीर चुनौती को देखते हुए इसके खिलाफ लड़ाई को राष्ट्रव्यापी अभियान बनाना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत राज्यपाल ने गुरुवार को एचएसएनसी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को व्यसनमुक्ति की शपथ दिलाई। के. सी. कॉलेज के सभागार और ओवल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर व्यसनमुक्त रहने तथा व्यसनमुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का आयोजन एचएसएनसी विश्वविद्यालय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय सेवाभावी ट्रस्ट, नांदेड और मेघाश्रय फाउंडेशन के सहयोग से किया गया था।
राज्यपाल ने कहा कि समाज में बढ़ती नशीले पदार्थों की लत की समस्या के दो प्रमुख पहलू हैं—मांग और आपूर्ति। आपूर्ति पर नियंत्रण के लिए पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियां काम कर रही हैं, लेकिन अमली पदार्थों की मांग ही पैदा न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर जनजागरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है और देश के पास बड़ी युवा शक्ति है। अमली पदार्थों की लत के कारण परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। पहले संयुक्त परिवार व्यवस्था व्यसनाधीन व्यक्ति को सहारा देती थी, लेकिन अब यह व्यवस्था पहले जैसी नहीं रही। ऐसे में व्यसनाधीन लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए समाज को एक नई सहायता व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘से नो टू ड्रग्स’ पोर्टल का उद्घाटन किया। पोर्टल के माध्यम से व्यसनमुक्ति का संकल्प लेने के साथ ही अमली पदार्थों के दुष्परिणामों को लेकर जनजागरण किया जाएगा
कार्यक्रम में राज्यपाल के सहसचिव एस. रामामूर्ति, के. सी. कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या तेजश्री शानबाग, मेघाश्रय फाउंडेशन की अध्यक्ष सीमा सिंह, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सेवाभावी ट्रस्ट के विश्वस्त डॉ. सुमेध चव्हाण, अभिनेता रवि दुबे तथा एचएसएनसी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. भगवान बालानी उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

