भाजपा विधायक ने ‘गरबा पार्टनर’ के विज्ञापनों पर कार्रवाई की मांग की
मुंबई, 22 सितंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक संजय उपाध्याय ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर चल रहे ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ और ‘एनआरआई गरबा पार्टनर’ जैसे विज्ञापनों पर कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। इस पत्र की प्रति उपाध्याय ने विभिन्न संबंधित विभाग को भी भेजा है।
संजय उपाध्याय ने पत्रकारों को बताया कि इन विज्ञापनों की आड़ में महिलाओं के साथ धोखाधड़ी, दुर्व्यवहार या किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि हो सकती है। उन्होंने पुलिस से विज्ञापनों और उनके पीछे काम कर रहे लोगों की तत्काल जांच करने की मांग की है।
उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने आज मुंबई पुलिस कमिश्नर, बोरीवली और दहिसर सर्कल के पुलिस अधिकारियों तथा स्थानीय वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे इन विज्ञापनों की तत्काल जांच करने और उनके आयोजकों तथा विज्ञापनदाताओं की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि नवरात्रि से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ विज्ञापनों में ‘सिल्वर’, ‘गोल्ड’ और ‘प्लैटिनम’ जैसे पैकेज बताए गए हैं। इनकी कीमत करीब 1,000 से 2,000 रुपये के बीच बताई गई है। विज्ञापनों के मुताबिक, पैकेज में दो से चार घंटे तक गरबा खेलना, बेसिक गरबा सिखाना, पारंपरिक कपड़े उपलब्ध कराना और फोटो या सोशल मीडिया रील बनाने जैसी सेवाएं शामिल हैं। एक अन्य विज्ञापन में ‘एनआरआई गरबा पार्टनर’ का कॉन्सेप्ट पेश किया गया है।
इसमें करीब 1,500 से 5,000 रुपये तक के पैकेज का दावा किया गया है। विज्ञापन के मुताबिक, इसमें चार घंटे गरबा खेलने के अलावा नकली बैकस्टोरी तैयार करना, दोस्तों के सामने ‘भाई-भाभी’ बनकर मजाक करना और महिला को सुरक्षित घर छोडऩा जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसी विज्ञापन में ‘माथे पर किस’ और ‘मिस्ट्री फेवर’ जैसी निजी सेवाओं का भी उल्लेख किया गया है, जिसके बाद इस तरह के विज्ञापनों की प्रकृति और वैधता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

