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गणेश मंडलों के प्रसाद की शुद्धता बनाए रखने के लिए एफडीए नियमों का सख्ती से पालन करें: मुख्यमंत्री फडणवीस

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मुंबई, 27 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने गुरुवार को मुंबई में कहा कि गणेशोत्सव के दौरान गणेश मंडलों द्वारा भक्तों को वितरित किए जाने वाले प्रसाद की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। भक्तों को शुद्ध और मिलावट रहित प्रसाद मिले, इसके लिए निर्धारित न्यूनतम मानकों का पालन आवश्यक है। गणेश मंडलों को इसके लिए आवश्यक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण लेना चाहिए।

गणेशोत्सव-2026 के दौरान कानून-व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए सह्याद्री अतिथिगृह में गुरुवार को बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई के गणेश मंडलों ने गणेशोत्सव को भव्य स्वरूप दिया है, जो सराहनीय है। लोकमान्य तिलक ने गणेशोत्सव के माध्यम से सामाजिक एकता और ज्ञान का जो संदेश दिया था, उसे पूरे महाराष्ट्र में आगे ले जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणेशोत्सव को राज्य उत्सव का दर्जा दिया गया है। इसलिए इसकी परंपरा और पवित्रता बनाए रखते हुए अनुशासन कायम रखना हर नागरिक, प्रशासन, गणेश मंडल और संबंधित संगठन की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन, गणेश मंडलों और समन्वय समितियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने का आह्वान किया, ताकि गणेशोत्सव उत्साहपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में मनाया जा सके। उन्होंने आयोजन की योजना में मौजूद कमियों को दूर करने और मंडलों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी सरकार, प्रशासन और गणेश मंडलों से उत्साह, अनुशासन और सामाजिक एकता के वातावरण में गणेशोत्सव मनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस, महानगरपालिका और संबंधित विभागों ने गणेश मूर्तियों के सुरक्षित आगमन और विसर्जन के लिए योजना तैयार की है, जिसमें गणेश मंडलों के सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है। शिंदे ने बताया कि मुंबई में करीब 1,850 किलोमीटर सडक़ों का कंक्रीटीकरण किया गया है। गणेश मूर्तियों के आगमन और विसर्जन के प्रमुख मार्गों पर गड्ढे न रहें, यह सुनिश्चित करने के निर्देश महानगरपालिका प्रशासन को दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर होने वाली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि गणेश मंडलों को पांच वर्ष की अनुमति देने के संबंध में भी कार्रवाई की गई है, जिससे मंडलों को आयोजन की बेहतर और दीर्घकालीन योजना बनाने में सुविधा होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव