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विदेशी निवेश लाने में महाराष्ट्र सबसे आगे : डॉ. उदय सामंत

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मुंबई, 13 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने शुक्रवार को विधान सभा में कहा कि विदेशी निवेश लाने में महाराष्ट्र देश में सभी राज्यों से आगे है।

दावोस में 2026 में 31 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के एमओयू साइन किए गए हैं।

उद्योग मंत्री सामंत आज विधान सभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्हाेंने कहा कि दावोस में वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम में साइन किए गए एग्रीमेंट के ज़रिए महाराष्ट्र को बड़ी मात्रा में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीए) मिल रहा है और महाराष्ट्र लगातार तीन सालों से फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट लाने में देश में सबसे आगे रहा है।

उन्हाेंने कहा कि दावोस दौरे के दौरान साइन किए गए एग्रीमेंट से राज्य में इंडस्ट्रियल ग्रोथ होगी और बड़े पैमाने पर रोजग़ार पैदा होगा। इस साल साइन किए गए एग्रीमेंट सिर्फ़ एमआईडीसी तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इंडस्ट्रीज़ डिपार्टमेंट, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) और महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमएसआरडीसी) के ज़रिए भी बड़े इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट साइन किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इंडस्ट्रीज़ डिपार्टमेंट के ज़रिए 15 लाख 15 हज़ार करोड़ रुपये, एमएमआरडीए के ज़रिए 15 लाख 10 हज़ार करोड़ रुपये और एमएसआरडीसी के ज़रिए 01 लाख करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए गए हैं। उन्हाेंने कहा कि दूसरे राज्यों में कॉन्ट्रैक्ट लागू करने की दर 35 से 40 प्रतिशत है, जबकि महाराष्ट्र में यह दर 2022 से 75 से 80 परसेंट तक पहुँच गई है।

उद्याेग मंत्री ने कहा कि मुंबई नगर निगम के फिक्स डिपाजिट का उपयोग शहर के विकास के लिए किया जा रहा है। शहर में 1,048 सडक़ें पूरी हो चुकी हैं और उनकी कुल लंबाई 278.83 किलोमीटर है। पहले फेज़ का लगभग 54 परसेंट और दूसरे फेज़ का 56 परसेंट काम पूरा हो चुका है। मीठी नदी प्रोजेक्ट के बारे में उन्होंने बताया कि इस काम में पहले कुछ गड़बडिय़ां पाई गई थीं, इसलिए जांच चल रही है। जांच में लगभग 65 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। ट्रांसपेरेंसी के लिए 380 करोड़ रुपये का टेंडर कैंसिल करके नया टेंडर करने का फैसला किया गया है।

उन्हाेंने बताया कि राज्य सरकार एमआईडीसी की ज़मीन पर बनी झुग्गियों के पुनर्वास के लिए एक अलग पॉलिसी लाने की भी तैयारी कर रही है। उन्होंने साफ किया कि इंडस्ट्रियल पॉलिसी और जेम्स एंड ज्वेलरी पॉलिसी की तरह एमआईडीसी इलाके में झुग्गियों के लिए एसआरए पॉलिसी लाने का प्लान है और अगले दो महीने में इस पर फैसला हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी से एमआईडीसी की ज़मीन पर सालों से रह रहे परिवारों को पुनर्वासित करने और उन्हें घर देने की कोशिश की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव