महाराष्ट्र में मिलावटी मसाला बेचने पर होगी 7 साल की जेल और 10 लाख रुपये जुर्माना
मुंबई, 15 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने गुरुवार को मिलावटी मसाला बेचने पर 7 साल की जेल और 10 लाख रुपये जुर्माना किए जाने का ऐलान किया है। मुंडे ने मसाला निर्माताओं, विक्रेताओं, थोक कारोबारियों और होटल संचालकों को भी खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने आज मुंबई में पत्रकारों को बताया कि मिलावटी मसाला बेचने पर एक साल से सात साल तक की जेल और एक लाख से दस लाख रुपये तक का जुर्माना वसूलने का कानून में प्रावाधान है। एफडीए की सख्ती का उद्देश्य मसालों की गुणवत्ता बनाए रखना, खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है। मसालों में मिलावट, प्रतिबंधित कृत्रिम रंगों और औद्योगिक रंगों का इस्तेमाल तथा पैकेजिंग पर भ्रामक दावे करने जैसे मामलों को गंभीरता से लेना जरुरी है। इसलिए एफडीए ने अपने मातहत अधिकारियों को हल्दी, मिर्च, जीरा, दालचीनी, काली मिर्च, खसखस, तिल और सरसों सहित विभिन्न मसालों तथा उनसे बने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का भी निर्देश दिया है।
इसके तहत खाद्य कारोबारियों को संबंधित नियमों के अनुसार वैध खाद्य लाइसेंस लेकर ही कारोबार करना होगा। मसालों में घटिया या इस्तेमाल के बाद निकाले गए पदार्थ मिलाने और उनकी गुणवत्ता से समझौता करने पर कार्रवाई हो सकती है। मसालों को अधिक आकर्षक दिखाने के लिए प्रतिबंधित कृत्रिम या औद्योगिक रंगों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। मसालों के उपचार में इस्तेमाल होने वाले एथिलीन ऑक्साइड के अवैध या नियमों के विपरीत इस्तेमाल पर कार्रवाई की जा सकती है। मसालों के निर्माण, प्रसंस्करण और भंडारण स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। भंडारण क्षेत्र साफ और सूखा होना चाहिए। उत्पाद के पैकेट पर लागू नियमों के अनुसार सही जानकारी देना और भ्रामक दावों से बचना जरूरी है। निर्माण और पैकिंग से जुड़ी जानकारी भी निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
मसालों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्माताओं, वितरकों, थोक विक्रेताओं, खुदरा कारोबारियों और होटल संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को खतरा पहुंच सकता है, इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

