किसानों की बेहतरी के लिए नई टेक्नोलॉजी और रिसर्च का इस्तेमाल जरूरी : फडणवीस
मुंबई, २८ अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को नासिक में कहा कि कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कृषि महाविद्यालयों को आधुनिक तकनीक और रिसर्च का इस्तेमाल कर उत्पादन लागत कम करने तथा उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
मुख्यमंत्री फडणवीस डिंडोरी तहसील के चाचडगांव में मराठा विद्या प्रसारक समाज संस्था के कर्मयोगी दुलाजी सीताराम पाटील कृषि महाविद्यालय की नई इमारत के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। कार्यक्रम में विधायक सीमा सहित संस्था के पदाधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के करीब ८० प्रतिशत किसान छोटे भू-धारक हैं और उनकी निवेश क्षमता सीमित है। खेती की उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को गारंटीड कीमत का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए कृषि क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देना होगा। ऐसे कृषि महाविद्यालयों की जरूरत है, जो रिसर्च को किसानों तक पहुंचाने का काम करें। नासिक जिले की कृषि क्षमता का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने कहा कि नासिक कृषि क्षेत्र में अग्रणी जिला है। यहां के किसान मेहनती हैं। आदिवासी क्षेत्रों में वन उपज के साथ विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन भी किया जाता है। देश के अंगूर निर्यात में नासिक की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है और जिले का प्याज पूरे देश में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभदायक बनाने के लिए कृषि क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। राज्य सरकार कम उर्वरक के इस्तेमाल से अधिक उत्पादन हासिल करने के लिए नई तकनीकों को बढ़ावा दे रही है।
फडणवीस ने कहा कि यदि कृषि महाविद्यालय मिट्टी की संरचना और गुणवत्ता की पहचान कर नई तकनीक तथा रिसर्च के आधार पर किसानों को उर्वरकों के उचित इस्तेमाल की जानकारी दें, तो इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। राज्य में कृषि महाविद्यालयों के माध्यम से किसानों को मार्गदर्शन देने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। विभिन्न फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए मॉडल तैयार किए जा रहे हैं।
जल संसाधन मंत्री एवं जिले के पालकमंत्री गिरीश महाजन की ओर से भी कृषि शिक्षा और आधुनिक तकनीक की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और जलवायु परिवर्तन के कारण किसानों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। ऐसे में छात्रों को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाना जरूरी है। उन्होंने कृषि महाविद्यालय से ऐसे छात्र तैयार करने की अपील की, जो कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा कर सकें तथा कृषि क्षेत्र के लिए वैज्ञानिक और तकनीशियन तैयार करने में योगदान दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

