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नांदेड़ में कर्ज वसूली के नाम पर किसान की हत्या का आरोप, फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में मिला शव

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-तीन आरोपियों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज-निजी फाइनेंस कंपनियों की वसूली के तरीकों पर उठे गंभीर सवाल

मुंबई, 24 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में निजी फाइनेंस कंपनी की कथित जबरन कर्ज वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। खालसा फाइनेंस के कार्यालय में रविवार को किसान चंद्रकांत शिंदे का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद संबंधित फाइनेंस कंपनी का कार्यालय भी बंद कर दिया गया है।

नांदेड़ जिले के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, चंद्रकांत शिंदे ने करीब डेढ़ महीने पहले फाइनेंस कंपनी से 10 हजार रुपये का कर्ज लिया था। आरोप है कि कंपनी ने ब्याज की रकम पहले ही काट ली थी और शिंदे को केवल सात हजार रुपये दिए थे। कर्ज की किस्तें समय पर नहीं चुकाने के कारण उन्हें कथित तौर पर गांव से फाइनेंस कंपनी के कार्यालय लाया गया था। बाद में उसी कार्यालय में उनका शव बरामद हुआ।

इस घटना के सामने आने के बाद निजी फाइनेंस कंपनियों की कर्ज वसूली के तौर-तरीकों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिले के मलकावथा गांव में भी कथित मनमानी कर्ज वसूली को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि 10 हजार रुपये के कर्ज पर हर सप्ताह किस्त वसूली जाती है और भुगतान में देरी होने पर प्रतिदिन जुर्माना लगाया जाता है।

इसी बीच, कुछ अन्य लोगों के साथ भी कथित जबरन वसूली और उन्हें बंधक बनाए जाने के आरोप सामने आए हैं। परिजनों के मुताबिक, नागेश कोंकेवाड़ और दत्ता गायकवाड़ पिछले चार दिनों से लापता हैं। वहीं, महेंद्र हनुमंते को कथित तौर पर फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में रोककर रखा गया था। आरोप है कि गूगल पे के माध्यम से रकम वसूलने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया।

किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और अन्य ग्रामीणों के साथ कथित ज्यादती की घटनाओं ने इलाके में चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर निजी फाइनेंस कंपनियों की कथित अवैध कर्ज वसूली की व्यापक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। हालांकि, पुलिस जांच में इन सभी आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव