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उद्धव ठाकरे पहले अपनी पार्टी टूटने पर आत्ममंथन करें : देवेंद्र फडणवीस

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मुंबई, 18 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नागपुर में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता अपनी पार्टी में टूट को नहीं रोक सके, उनके सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान का कोई खास अर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावों के जरिए ही संभव है।

नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फडणवीस ने कहा कि यदि उद्धव ठाकरे सत्ता परिवर्तन चाहते हैं, तो उन्हें चुनाव लड़ना होगा और बहुमत हासिल करना होगा। लोकतंत्र में सत्ता बदलने का अधिकार जनता के पास है और जनता अपने मताधिकार के जरिए ही यह तय करती है कि सरकार किसकी बनेगी।

दरअसल, उद्धव ठाकरे ने प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान का समर्थन किया था। ठाकरे ने कहा था कि यदि चुनाव के जरिए लोगों से अपनी राय जाहिर करने का अधिकार छीना जा रहा है, तो ऐसी सत्ता को हटाने के लिए खड़ा होना गलत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार की आलोचना करने वालों को देशद्रोही करार दिया जाता है। ठाकरे ने स्पष्ट किया था कि सत्ता परिवर्तन से उनका आशय सरकार बदलने से है।

ठाकरे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के विचारों को छोड़ दिया, जिसके बाद शिवसेना में बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हुआ। फडणवीस के मुताबिक, बालासाहेब ठाकरे के विचारों में विश्वास रखने वाले एक बड़े समूह ने अलग होकर असली शिवसेना बनाई। उन्होंने उद्धव ठाकरे को अपनी पार्टी में हुए घटनाक्रम पर आत्ममंथन करने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलने के लिए राजनीतिक दलों को चुनावी मैदान में उतरना चाहिए, जनता का विश्वास जीतना चाहिए और बहुमत हासिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दायरे में रहकर ही सत्ता परिवर्तन संभव है। सड़कों पर दबाव बनाकर या संवैधानिक व्यवस्था से बाहर जाकर सरकार बदलने की कोशिश सफल नहीं होगी।

फडणवीस ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को संविधान पर आधारित बताते हुए नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान में हुए राजनीतिक बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा और जनता का जनादेश ही तय करेगा कि देश तथा राज्य की सत्ता किसके हाथों में रहेगी।---------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव