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गैर-कानूनी विदेशी नागरिकों के लिए 'डायनामिक इमिग्रेशन सिस्टम' लागू होगा : देवेंद्र फडणवीस

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गैर-कानूनी विदेशी नागरिकों के लिए 'डायनामिक इमिग्रेशन सिस्टम' लागू होगा : देवेंद्र फडणवीस


मुंबई, 17 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधान सभा में कहा कि गैर कानूनी विदेशी नागरिकों के लिए राज्य अब 'डायनामिक इमिग्रेशन सिस्टम' लागू किया जाएगा ताकि उन गैर-कानूनी विदेशी नागरिकों का पता लगाया जा सके, जो अपना वीज़ा खत्म होने के बाद भी रह रहे हैं और ड्रग्स की तस्करी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज विधान सभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक स्नेहा दुबे के राज्य में ड्रग्स की बिक्री के बारे में उठाए गए सवाल का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कई नाइजीरियाई नागरिक पढ़ाई या मेडिकल वीज़ा पर भारत आते हैं। वीज़ा खत्म होने के बाद वे जानबूझकर अपने खिलाफ कोई छोटा-मोटा जुर्म दर्ज करा लेते हैं। जब तक इस जुर्म का नतीजा पता नहीं चल जाता, उन्हें अपने देश वापस नहीं जाने दिया जाता, इसी वजह से ये अपराधी इसका फायदा उठा रहे थे।

उन्हाेंने बताया कि अब केंद्र सरकार के निर्देश पर ऐसे छोटे-मोटे जुर्म वापस लेकर उन्हें तुरंत उनके देश भेजने का प्रोसेस शुरू कर दिया गया है। अब तक 68 नाइजीरियाई नागरिकों को वापस उनके देश भेजा जा चुका है। 122 नागरिक अभी डिटेंशन सेंटर में हैं और उन्हें वापस घर भेजने का प्रोसेस चल रहा है। ऑर्डर दिए गए हैं कि संदिग्ध विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट और वीज़ा की पुलिस जांच करे और अगर कोई सबूत न मिले तो उन्हें सीधे डिटेंशन सेंटर भेज दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई आने वाला हर विदेशी नागरिक इमिग्रेशन डिपार्टमेंट में रजिस्टर्ड है। अब पुलिस डिपार्टमेंट और इमिग्रेशन के बीच एक कोऑर्डिनेशन सिस्टम बनाया जाएगा। इससे वीज़ा खत्म होने के बाद भी देश में रह रहे लोगों की जानकारी पुलिस को तुरंत मिल जाएगी और उन्हें ढूंढना आसान होगा। ऑर्डर जारी किए जाएंगे कि बिना वैलिड पासपोर्ट और वीज़ा वाले विदेशी नागरिकों को घर या जगह किराए पर न दी जाए। ऐसे गैर-कानूनी लोगों को पनाह देने वाले मकान मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। सरकार ने इस बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कमिश्नर को उन अपराधियों के खिलाफ 'मकोका' के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं जो बार-बार ड्रग ट्रैफिकिंग में शामिल हैं। साथ ही, जो क्रिमिनल्स क्राइटेरिया पर खरे उतरते हैं, उन्हें डिपोर्ट करने के ऑर्डर दिए गए हैं। जिन कैफे या जगहों पर ड्रग्स का इस्तेमाल हो रहा है, वहां रेड मारकर एक्शन लिया जाएगा। साथ ही, बार-बार नियमों को तोडऩे वाले होटलों या जगहों के लाइसेंस न सिर्फ सस्पेंड करने बल्कि उन्हें हमेशा के लिए कैंसिल करने के लिए कानून में बदलाव किया जा रहा है।

उन्हाेंने कहा कि ड्रग्स बेचने में शामिल पुलिसवालों को सीधे नौकरी से निकाला जाएगा। मुख्यमंत्री ने इशारा किया कि राज्य सरकार न सिर्फ जूनियर कर्मचारियों बल्कि लोकल क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के हेड्स की भी जिम्मेदारी तय करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

इस मुद्दे पर हुई चर्चा में विधायक नानाभाऊ पटोले, हेमंत ओगले, डॉ. राहुल पाटिल, विलास तारे ने भी अनुपूरक सवाल किया ।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव