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किसान कर्जमाफी योजना: 1.15 लाख किसानों की चौथी सूची जारी, आधार प्रमाणीकरण कराना जरूरी

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मुंबई, 23 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के किसानों के लिए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना के तहत शुक्रवार को पात्र किसानों की चौथी सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में 1 लाख 15 हजार 697 किसानों को शामिल किया गया है, जिनके एक से अधिक बैंकों में कर्ज खाते हैं। सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने पात्र किसानों से जल्द से जल्द आधार प्रमाणीकरण पूरा कराने की अपील की है।

सहकारिता मंत्री पाटिल ने आज पत्रकारों को बताया कि योजना की चौथी सूची में उन किसानों को शामिल किया गया है, जिनके एक से अधिक बैंकों में कर्ज खाते हैं और जिनका बकाया कर्ज निर्धारित पात्रता शर्तों के अंतर्गत आता है। सरकार के अनुसार, इस सूची को आधार प्रमाणीकरण के लिए जारी किया गया है। पात्र किसानों के कर्ज खातों में आवश्यक सत्यापन पूरा होने के बाद कर्जमाफी की राशि जमा की जाएगी।

सहकारिता मंत्री ने बताया कि बैंकों ने योजना के पोर्टल पर कुल 31.17 लाख बकाया कर्ज खातों की जानकारी अपलोड की है।कंप्यूटर आधारित प्रक्रिया और आधार प्रमाणीकरण के बाद अब तक 15.85 लाख पात्र किसानों के कर्ज खातों में कुल 13,275 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत इससे पहले तीन सूचियां जारी की गई थीं। इनमें पहली सूची में 16,96,201 किसान, दूसरी सूची में 4,19,737 किसान और तीसरी सूची में 3,51,192 किसान शामिल हैं।

इन तीन सूचियों में कुल 24,67,130 पात्र किसान शामिल हैं। अब चौथी सूची में 1,15,697 किसानों को शामिल किया गया है। चौथी सूची संबंधित बैंक शाखाओं, विकास संस्थाओं और ग्राम पंचायतों में उपलब्ध कराई गई है। किसान इन स्थानों पर जाकर सूची में अपना नाम और कर्ज खाते से संबंधित जानकारी की जांच कर सकते हैं। पात्र किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्ज का बकाया विवरण सत्यापित करें और नजदीकी आप सेवा केंद्र पर जाकर आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करें।

सूची में कर्ज की बकाया राशि की गणना 31 मार्च 2026 तक के आधार पर की गई है। इसके बाद ब्याज और अन्य शुल्कों के संबंध में योजना के लागू नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। कुछ किसानों के राष्ट्रीयकृत और वाणिज्यिक बैंकों में बकाया कर्ज की राशि 2 लाख रुपये से अधिक होने का उल्लेख भी किया गया है। ऐसे मामलों में सरकार की हेयरकट नीति के तहत राहत का प्रावधान बताया गया है।

हालांकि, प्रत्येक किसान को मिलने वाली वास्तविक राहत की पुष्टि संबंधित बैंक और योजना के आधिकारिक नियमों के आधार पर ही की जानी चाहिए। सूची में नाम होने पर भी आधार प्रमाणीकरण और बैंक खाते से संबंधित विवरण का सत्यापन पूरा करना जरूरी है। किसान अपने बैंक या संबंधित सरकारी कार्यालय से पात्रता और कर्जमाफी की अंतिम स्थिति की पुष्टि कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव