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‘डेवलप्ड इंडिया’ के लिए कॉस्ट ऑडिट सिस्टम को मज़बूत करना जरुरी : राज्यपाल

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मुंबई, 10 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने शुक्रवार को कहा कि डेवलप्ड इंडिया की ओर बढ़ते हुए एक कुशल, ट्रांसपेरेंट और कॉम्पिटिटिव इकॉनमी बनाने में कॉस्ट ऑडिट सिस्टम को मजबूत बनाना ज़रूरी है।

राज्यपाल वर्मा आज इंस्टीट्यूट ऑफ़ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया की ओर से मुंबई में आयोजित डेवलप्ड इंडिया के लिए कॉस्ट ऑडिट पर एक नेशनल सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डेवलप्ड इंडिया का कॉन्सेप्ट सिर्फ़ इकॉनमिक ग्रोथ या इंडस्ट्रियल विस्तार तक सीमित नहीं है। बल्कि, देश की तरक्की के लिए हर रुपये, हर रिसोर्स और हर फ़ैसले का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करना ज़रूरी है। कॉस्ट ऑडिट को फाइनेंशियल गवर्नेंस का एक स्ट्रेटेजिक टूल बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि कॉस्ट ऑडिट एफिशिएंसी बढ़ाता है, बर्बादी कम करता है और अलग-अलग सेक्टर में रिसोर्स का सही इस्तेमाल पक्का करता है। उन्होंने कहा कि बढ़ते ग्लोबल कॉम्पिटिशन के बैकग्राउंड में, इनोवेशन और क्वालिटी के साथ-साथ कॉस्ट एफिशिएंसी भी उतनी ही ज़रूरी है।

राज्यपाल ने कहा कि भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन करने और इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन बढऩे के साथ, कॉस्ट ऑडिट एफिशिएंसी मापने, लगातार सुधार और सोच-समझकर फ़ैसले लेने के लिए एक ज़रूरी डायग्नोस्टिक टूल बन रहा है। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, हेल्थ, टेलीकॉम, एजुकेशन के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर में ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी पक्का करने में कॉस्ट ऑडिट बहुत ज़रूरी रोल निभाता है, जहाँ कीमतें सीधे नागरिकों को प्रभावित करती हैं। इसलिए, उन्होंने इंस्टीट्यूट से अपील की कि वे छोटे शहरों की यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जाकर अपने कोर्स और एग्जाम के बारे में अवेयरनेस पैदा करें और इस प्रोफेशनल फील्ड में ज़्यादा से ज़्यादा स्टूडेंट को अट्रैक्ट करें।

इस अवसर पर एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के फाउंडर डॉ. रमाकांत पांडा, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट टी.सी.ए. श्रीनिवास प्रसाद, वाइस प्रेसिडेंट नीरज जोशी, प्रोफेशनल डेवलपमेंट कमेटी के चेयरमैन मनोज आनंद, विकास देवधर के साथ अन्य अदिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव