शिवाजी पार्क में अभिजीत दीपके के बयान पर विवाद, सचिन खरात ने की सार्वजनिक माफी की मांग
मुंबई, 03 अक्टूबर (हि.स.)। मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके द्वारा महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को लेकर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (सचिन खरात गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन खरात ने शनिवार को दीपके के बयान की आलोचना करते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इस बयान को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
खरात ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दीपके ने यह कहते हुए गलत तथ्य पेश किया कि देश के नागरिकों को मतदान का अधिकार पंडित जवाहरलाल नेहरू और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने दिया था। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के निर्माण में डॉ. अंबेडकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और उनके योगदान को किसी राजनीतिक दल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
खरात ने कहा कि दीपके को डॉ. अंबेडकर के संबंध में बयान देते समय ऐतिहासिक तथ्यों का ध्यान रखना चाहिए था। उन्होंने मांग की कि दीपके अपने बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। खरात ने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर अंबेडकरवादी कार्यकर्ता उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।
खरात ने दीपके के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी को देश की आत्मा, डॉ. अंबेडकर को देश की रीढ़ और पंडित नेहरू को देश का दिमाग बताया था। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर के योगदान का मूल्यांकन संविधान निर्माण और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान के संदर्भ में किया जाना चाहिए।
दीपके ने शुक्रवार को शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन के दौरान महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा था कि गांधी देश की आत्मा हैं और उनके विचार कभी खत्म नहीं होंगे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी। प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े विवाद रहे।
भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने भी दीपके के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान डॉ. अंबेडकर की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाला है और दीपके को ऐसे बयानों से बचना चाहिए।----------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

