home page

दही हांडी के माध्यम से ‘नशामुक्त महाराष्ट्र’ का संदेश दें : मुख्यमंत्री

 | 

मुंबई, 05 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शनिवार को मुंबई में कहा कि उत्साह और उमंग से भरपूर दही हांडी उत्सव के माध्यम से ‘नशामुक्त महाराष्ट्र’ की संकल्पना को मजबूत करने का कार्य किया जाना चाहिए। युवाओं को नशे से दूर रखकर स्वस्थ, सक्षम और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए सामाजिक उपक्रमों को व्यापक जनसहभागिता से जोडऩा आवश्यक है।

मुख्यमंत्री फडणवीस आज वर्ली में राजयोग प्रतिष्ठान की ओर से आयोजित दही हांडी उत्सव में भाग लिया। उन्हाेंने कहा कि स्वस्थ और सक्षम महाराष्ट्र के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक को नशामुक्ति का संकल्प लेना चाहिए। साथ ही अपने परिवार और समाज में भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की आवश्यकता है।

घाटकोपर के श्रेयस सिनेमा चौक में विधायक राम कदम की ओर से आयोजित मानाची दही हांडी उत्सव में मुख्यमंत्री ने कहा कि दही हांडी केवल उत्सव नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की परंपरा, युवाओं के साहस और सामूहिक भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दही हांडी में बनाए जाने वाले मानव पिरामिड संगठित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। इसमें प्रत्येक गोविंदा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। निचली पंक्ति के गोविंदाओं के मजबूत आधार से लेकर सबसे ऊपरी स्तर तक पहुंचने वाले बालगोविंदा तक सभी के बीच समन्वय, विश्वास और साहस आवश्यक होता है।

मुख्यमंत्री ने गोविंदा पथकों के उत्साह, जिद और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि घाटकोपर की दही हांडी मुंबई के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो गई है। देश के विभिन्न हिस्सों से गोविंदा पथक इसमें हिस्सा लेते हैं। ऐसे में यह उत्सव अब स्थानीय स्तर तक सीमित न रहकर व्यापक पहचान बनाने वाला सांस्कृतिक समारोह बन गया है।

इस अवसर पर मुंबई की महापौर रितू तावडे, सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशीष शेलार, विधायक कालिदास कोळंबकर, प्रवीण दरेकर, राम कदम और अमित साटम सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव