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उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ विवादित ट्वीट पर कांग्रेस अड़ी, लगाया राजनीतिकरण का आरोप

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मुंबई, 05 अगस्त, (हि.स.)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आधिकारिक एक्स अकाउंट से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के संबंध में किए गए विवादित ट्वीट को लेकर कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा है कि पार्टी का उद्देश्य उनका अपमान करना नहीं था। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी वजह कांग्रेस पार्टी विवादित ट्विट को वापस नहीं लेगी।

अतुल लोंढे ने बुधवार को कहा कि अब हटाए जा चुके ट्वीट में प्रयुक्त गूंगी गुडिय़ा शब्द का संदर्भ समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया द्वारा एक विशेष राजनीतिक परिस्थिति में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए इस्तेमाल किए गए कथन से था। उनका दावा था कि यह टिप्पणी सुनेत्रा पवार पर व्यक्तिगत रूप से नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल हमेशा महिलाओं का सम्मान करते रहे हैं और महिलाओं की गरिमा पार्टी के लिए सर्वोच्च है।

बीड में हाल ही में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का उल्लेख करते हुए लोंढे ने कहा कि वहां पत्रकारों को सवाल पूछने से रोका गया और सुनेत्रा पवार को जवाब देने का अवसर नहीं दिया गया। लोंढे के अनुसार, विवादित ट्वीट उसी संदर्भ में किया गया था। लोंढे ने बताया कि ट्वीट के बाद हुई हिंसक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए पार्टी ने उसे हटा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि हर्षवर्धन सपकाल ने अपने निजी एक्स अकाउंट पर खेद व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया था कि ट्वीट का आशय वैसा नहीं था जैसा उसे समझा गया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद विवाद को जानबूझकर आगे बढ़ाया जा रहा है और इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है। लोंढे ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पोस्ट के बहाने राजनीतिक अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जो महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप नहीं है।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को बीेड़ में आयोजित पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिए बिना निकल गईंथीं। इसी वजह से वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज ने अपने एक्स एकाउंट पर सुनेत्रा पवार को गुंगी गुडिया कहा था। इसके बाद मंगलवार और बुधवार को राकांपा कार्यकर्ताओं ने राज्य में कई जिलों में आंदोलन किया था और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटिल का इस्तीफा मांगा था। लेकिन प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव