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मराठा आरक्षण पर मुख्यमंत्री फडणवीस की खरी-खरी, कहा- ‘जो संविधान में है, मराठा समुदाय को वो जरूर मिलेगा’

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मुंबई, 08 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल के 11वें दिन अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि जो संविधान में है, वह मराठा समुदाय को जरुर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक मराठा समुदाय के हित में कई फैसले लिए हैं और आगे भी फैसले लिए जाएंगे।

जालना में मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे के आंदोलन को लेकर आज मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने शासकीय आवास वर्षा बंगले पर महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, उदय सामंत, चंद्रशेखर बावनकुले समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मराठा समुदाय को संविधान में जो है, वो जरूर मिलेगा।’ उन्होंने कहा, ‘चाहे मैं मुख्यमंत्री रहूं या न रहूं, हम सबकी साफ राय है कि हमने अब तक मराठा समुदाय को सब कुछ दिया है। अब तक लिए गए सभी फैसले हमने लिए हैं और आगे के फैसले भी हम ही लेंगे। हमने लगभग सभी फैसले लिए हैं और मुश्किलों को भी दूर किया है।’ उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ मराठा समुदाय को मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘संविधान में जो भी है, मराठा समुदाय को वो जरूर मिलेगा। जो भी कोर्ट के फैसले के अधीन है, मराठा समुदाय को 100 प्रतिशत मिलेगा। हम वो नहीं हैं जो किसी की थाली से लेकर किसी और की थाली में डाल दें। चाहे मराठा समुदाय हो या कोई और समुदाय, हमने सभी समुदायों को न्याय दिया है और मराठा समुदाय को भी न्याय देंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने बातचीत के दरवाजे बंद नहीं किए हैं और हर संभव रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बातचीत हुई है और सरकार की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।

मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने जरांगे के आंदोलन के बाबत कहा कि सरकार मराठा समुदाय के व्यापक हित में फैसले ले रही है और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने मराठा आरक्षण को लेकर जितने फैसले लिए जा सकते थे, उतने लिए हैं। हमने जरांगे की मांगों पर सकारात्मक फैसले लिए और उन्हें इसकी जानकारी भी दी। अगर जरांगे इससे संतुष्ट नहीं हैं, तो हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्होंने जरांगे से आंदोलन रोकने की अपील करते हुए कहा कि सरकार का प्रतिनिधिमंडल अब बातचीत के लिए अंतरवाली सराटी नहीं जाएगा।

मंत्री पाटिल ने कहा कि सरकार ने जरांगे की कई मांगों पर कार्रवाई की है। उनके मुताबिक, 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड का मुद्दा भी सुलझाया गया है और इन रिकॉर्ड को ग्राम पंचायतों के बोर्ड पर प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा 10 तारीख से मंडल स्तर पर कैंप भी शुरू किए गए हैं, जहां लोगों से आवेदन करने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी ओर से कई कदम उठाए हैं। इसके बावजूद अगर जरांगे संतुष्ट नहीं हैं, तो सरकार के पास अब बातचीत के लिए अंतरवाली सराटी जाने का कोई विकल्प नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव