फिल्म अभिनेत्री मधु कांबिकर के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुंबई, 12 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को फिल्म अभिनेत्री मधु कांबिकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने शोक संदेश में कहा कि मधु कांबिकर का कलात्मक सफर लोक कला, थिएटर से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक जारी रहा। लोक कला में लावणी के पारंपरिक स्वरुप को सहेजते हुए उन्होंने कथक के जरिए एक नृत्यांगना के रूप में नाम कमाया। उन्होंने अपनी नृत्य शैली और नफासत से लावणी को सबसे आगे लाया। उन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर भी लावणी के रूप को और निखारा।
कांबिकर ने मराठी सिनेमा में अपनी दमदार एक्टिंग से कई अलग-अलग तरह के रोल बखूबी निभाए। उनका कलात्मक सफर अनोखा रहा है। इस फील्ड में दो पीढिय़ों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन भरा रहा है। मशहूर अभिनेत्री कांबिकर का निधन कला की दुनिया के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। उन्होंने कहा कि मराठी लोक कला के झंडे को सिल्वर स्क्रीन पर ऊंचा रखने वाली टैलेंटेड स्टार अब नहीं रहीं।
उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने अपने शोक संदेश में कहा, मधु कांबिकर ने अपनी पूरी जिंदगी महाराष्ट्र की मिट्टी में बसी लोक कला की असली पहचान को बचाए रखा। लोक कला के मंच से शुरू हुआ उनका सफर मराठी नाटक और सिनेमा तक पहुंचा। अपनी आसान एक्टिंग, यूनिक डांस स्टाइल और लावणी के असरदार प्रेजेंटेशन से उन्होंने कई दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया।
बीड जिले के गेवराई तहसील के मालेगांव में जन्मी मधु कांबिकर को बचपन से ही लोक कला की एक समृद्ध विरासत मिली थी। बहुत कम उम्र में स्टेज पर कदम रखकर उन्होंने अपनी कला के दम पर एक अलग जगह बनाई। उन्होंने लावणी और तमाशा जैसी महाराष्ट्र की पारंपरिक लोक कलाओं को बड़े पैमाने पर पहचान दिलाने में अहम योगदान दिया।
चार दशकों से ज़्यादा के करियर में उन्होंने कई नाटकों और 75 से ज़्यादा फिल्मों में अपनी पहचान बनाई है। महाराष्ट्र की समृद्ध लोक कला विरासत को अपने नृत्य कौशल और योग्य किरदार से सिल्वर स्क्रीन पर अमर करने वाली जानी-मानी एक्ट्रेस मधु कांबिकर का निधन मराठी कला क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है।
कल्चरल अफेयर्स मिनिस्टर एडवोकेट आशीष शेलार ने मधु कांबिकर को इमोशनल श्रद्धांजलि देते हुए कहा, हमने एक ऐसी जानी-मानी आर्टिस्ट को खो दिया है, जिसने अपने डांस स्टाइल से लावणी को खूबसूरती और इज्ज़त दी, और जिसने लोक कला, थिएटर और फिल्मों जैसे अलग-अलग मीडियम में भी अपनी पहचान बनाई।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

