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ठाणे में मुख्यमंत्री फडणवीस बोले-इमरजेंसी में हुई थी 'संविधान की चोरी'

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ठाणे में मुख्यमंत्री फडणवीस बोले-इमरजेंसी में हुई थी 'संविधान की चोरी'


मुंबई, 01 नवंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को ठाणे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च को संबोधित करते हुए कहा कि इमरजेंसी के दौरान कांग्रेस ने संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया था। उन्होंने कांग्रेस पर 'संविधान चोरी' करने का आरोप भी लगाया।

भाजपा की ओर से आज ठाणे में लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला गया था। इस मार्च में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शामिल थे।

मार्च को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जो लोग आज 'वोट चोरी' का आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने खुद देश के संविधान के साथ खिलवाड़ किया है। उनके मुताबिक, कांग्रेस ही वह पहली पार्टी थी जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में संविधान, न्यायपालिका और लोकतंत्र को कमजोर किया। मुख्यमंत्री ने 1975 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस फैसले का उल्लेख किया, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद कांग्रेस सरकार ने ऐसे संवैधानिक संशोधन किए, जिनका उद्देश्य पिछली तारीख से कानूनी प्रभाव देकर न्यायपालिका की समीक्षा से बचना था।

फडणवीस ने इमरजेंसी के दौरान लाए गए 42वें संविधान संशोधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संशोधन के जरिए मौलिक अधिकारों की रक्षा करने वाले संवैधानिक प्रावधानों को कमजोर किया गया। उन्होंने कहा कि 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद इन सुरक्षा उपायों को बहाल करने की दिशा में कदम उठाए गए, ताकि प्रधानमंत्री सहित देश का हर नागरिक संविधान के दायरे में रहे।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय ताकतें और सोशल मीडिया गलत सूचनाएं फैलाने तथा देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनाने और अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, भाजपा का यह मार्च एक बड़े संघर्ष की शुरुआत है। उन्होंने मतदाता सूची के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा, हम तब तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक मतदाता सूची से आखिरी बांग्लादेशी घुसपैठिए का नाम नहीं हटा दिया जाता। भारतीय नागरिकों को वोट देने का अधिकार है, लेकिन अवैध घुसपैठियों को इस अधिकार का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

फडणवीस ने कहा कि भाजपा और उसके समर्थक देश में अराजकता फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ लंबी लड़ाई लडऩे के लिए तैयार हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए कहा, हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक विकसित भारत का निर्माण नहीं कर लेते।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव