देश के विकास के लिए वैल्यू बेस्ड पत्रकारिता ज़रूरी : मुख्यमंत्री फडणवीस
मुंबई, 01 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मुंबई में कहा कि देश के पूरे विकास के लिए मातृभाषा में शिक्षा, भारतीय भाषाओं का संरक्षण और वैल्यू बेस्ड पत्रकारिता की भूमिका बहुत ज़रूरी है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ज्ञान, संस्कृति और मूल्यों की विरासत मातृभाषा और भारतीय भाषाओं के ज़रिए अगली पीढिय़ों तक पहुंचती है।
मुख्यमंत्री फडणवीस मुंबई हिंदी पत्रकार संघ की ओर से मुंबई के रविंद्र नाट्यमंदिर सभागृह मेंआयोजित हिंदी पत्रकारिता की 200वीं सालगिरह के मौके पर बोल रहे थे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्किल डेवलपमेंट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम, राजहंस सिंह, मुरजी पटेल, संजय उपाध्याय और अलग-अलग क्षेत्रों के दूसरे जाने-माने लोग मौजूद थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास बहुत समृद्ध है और देश की आज़ादी की लड़ाई में लोगों में जागरूकता लाने में इसका बहुत बड़ा योगदान रहा है। पहले हिंदी अखबार 'उदंत मार्तंड' से शुरू हुए इस सफऱ ने देश में सामाजिक और राष्ट्रीय सोच को दिशा दी। आज़ादी की लड़ाई के कई नेताओं ने पत्रकारिता के ज़रिए देश की भावना को ज़िंदा रखने का काम किया। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच ज्ञान, परंपरा और संस्कृति के ज़रिए सदियों से मज़बूत रिश्ते रहे हैं। हिंदी और मराठी दोनों भाषाएँ संस्कृत परंपरा से बनी हैं और देवनागरी लिपि होने की वजह से उनमें एक स्वाभाविक जुड़ाव है। भारतीय भाषाओं के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के ज़्यादातर विकसित देशों में शिक्षा मातृभाषा के ज़रिए दी जाती है। अगर शिक्षा मातृभाषा के ज़रिए दी जाए तो ज्ञान ज़्यादा अच्छे से हासिल किया जा सकता है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृभाषा को प्राथमिकता देने की नीति देश के विकास के लिए काम आएगी। उन्होंने सभी से अपनी मातृभाषा के साथ-साथ दूसरी भारतीय भाषाओं का ज्ञान भी हासिल करने की अपील की।
पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया के विस्तार की वजह से जानकारी देने का स्वरूप बदल गया है। हालाँकि, किसी खबर की सच्चाई और भरोसा, उसे कितनी तेज़ी से फैलाया जाता है, उससे ज़्यादा ज़रूरी है। लोकतंत्र के चौथे पिलर के तौर पर पत्रकारिता की भूमिका को अहम बताते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पत्रकारिता सामाजिक जीवन के मूल्यों को बचाए रखने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने का काम करती है। बदलते समय में भी पत्रकारिता को अपने बुनियादी मूल्यों को बचाए रखना चाहिए और समाज के हित में अपनी भूमिका बनाए रखनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मौके पर कहा कि हिंदी तीसरी सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषा है और भाषा सभी को जोडऩे का काम करती है।
इस मौके पर हिंदी पत्रकारिता में योगदान देने वाले सीनियर पत्रकार गंगाधर ढोबले, हेमंत तिवारी, कुमुद संघवी चावरे, विनीत कुमार सिंह, अवधेश व्यास को मुख्यमंत्री फडणवीस ने सम्मानित किया। इसी तरह, प्रो. राममोहन पाठक और गायक सुरेश शुक्ला को भी इस मौके पर खास तौर पर सम्मानित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

