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महाराष्ट्र में सूखे की मार: किसानों को दिवाली से पहले मिलेंगे 5,000 रुपये एडवांस, 305 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित

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महाराष्ट्र में सूखे की मार: किसानों को दिवाली से पहले मिलेंगे 5,000 रुपये एडवांस, 305 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित


मुंबई, 14 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों को राहत देने के लिए 5,000 रुपये एडवांस देने का फैसला किया है। बुधवार को सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित कैबिनेट की विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह राशि दिवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि आमतौर पर सूखे की घोषणा नवंबर के अंत में की जाती है, लेकिन इस बार हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पहले ही सूखा घोषित कर दिया है। इसके लिए अक्टूबर में ही शासनादेश जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले सूखे से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी करना मुश्किल है। ऐसे में किसानों की आर्थिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अग्रिम सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सूखे की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सरकार ने 40 और तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। इसके साथ ही सूखाग्रस्त तहसीलों की कुल संख्या बढ़कर 305 हो गई है। इससे पहले 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। राज्य में कुल 358 तहसीलों के सूखे से प्रभावित होने की जानकारी दी गई है।

फडणवीस ने कहा कि सूखाग्रस्त तहसीलों में किसानों को राहत देने के लिए 12 रियायतें जारी रहेंगी। इसके अलावा, किसानों के खातों में कर्जमाफी की राशि भी जमा की जा रही है, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिल सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सूखे के कारण मराठवाड़ा में जलस्तर तीन मीटर से नीचे जाने की जानकारी सामने आई है। पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार जरूरत के मुताबिक पानी के टैंकर उपलब्ध कराएगी। टैंकरों की आवाजाही पर नजर रखने और जलापूर्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जीपीएस के जरिए उनकी निगरानी की जाएगी।

सरकार के अनुसार, अब तक 16 हजार अवैध पानी के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सूखे की स्थिति में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और जरूरतमंद इलाकों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव