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नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले के काम में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: देवेंद्र फडणवीस

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नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले के काम में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: देवेंद्र फडणवीस


मुंबई, 07 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को मुंबई में 2027 में नासिक में आयोजित किए जाने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के काम में देरी बर्दाश्त नही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आज सह्याद्री अतिथिगृह में सिंहस्थ कुंभ में की तैयारियों के संदर्भ में समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी जिरवाल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए वर्तमान में किए जा रहे विकास कार्यों की गति संतोषजनक नहीं है। सभी विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाकर कार्यों में तेजी लानी होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए सुझावों पर तत्काल अमल किया जाए तथा एक महीने बाद होने वाली अगली समीक्षा बैठक तक ठोस प्रगति दिखाई देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने नासिक नगर निगम को शहर की सडक़ों की मरम्मत और गड्ढे भरने का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। साथ ही महानगर गैस कंपनी को गैस पाइपलाइन और कनेक्शन से जुड़े शेष कार्य नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम आगमन को ध्यान में रखते हुए परिवहन, आवास, स्वच्छता, आपदा प्रबंधन और डिजिटल सुविधाओं की विस्तृत योजना प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने नासिक रिंग रोड, साधुग्राम, रेलवे स्टेशन उन्नयन, 4,500 विशेष एसटी बसों की व्यवस्था तथा बड़े पार्किंग नेटवर्क के कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित 'कुंभदूत' डिजिटल ट्विन तकनीक, स्मार्ट पार्किंग, गुमशुदा व्यक्तियों की खोज प्रणाली और एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर के माध्यम से भीड़ एवं सुरक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। कुंभ मेले को स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए हजारों अस्थायी शौचालय, डस्टबिन, चेंजिंग रूम और बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। आपदा प्रबंधन के लिए विशेष टीमें, स्वयंसेवक और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिनमें पर्यटन, आतिथ्य, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही सूक्ष्म उद्यमियों को भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मार्च 2027 तक भूमि अधिग्रहण, रिंग रोड, साधुग्राम और अन्य प्रमुख नागरिक सुविधाओं के कार्य पूरे कर लिए जाएं तथा अप्रैल 2027 से उनका उपयोग शुरू हो सके। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा स्थानीय प्रशासन से समन्वित प्रयास कर सिंहस्थ कुंभ 2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव