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गणेशोत्सव पर्यावरण के अनुकूल और पारंपरिक तरीके से मनाएं: मुख्यमंत्री फडणवीस

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गणेशोत्सव पर्यावरण के अनुकूल और पारंपरिक तरीके से मनाएं: मुख्यमंत्री फडणवीस


मुंबई, 14 सितंबर (हि.स)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को गणेशोत्सव को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि परंपरा के संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। गणेशोत्सव मनाते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

गणेश चतुर्थी के अवसर पर मुंबई स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ में भगवान गणेश की विधिवत स्थापना की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी पत्नी अमृता फडणवीस ने परिवार के साथ पारंपरिक विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और आरती की। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य और देशभर के गणेश भक्तों को गणेशोत्सव की शुभकामनाएं दीं। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्होंने भगवान गणेश से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में सुख-समृद्धि आए और सभी बाधाएं दूर हों। साथ ही देश, महाराष्ट्र, नागरिकों और किसानों के सामने मौजूद समस्याओं का समाधान होने तथा सभी को नई ऊर्जा, शक्ति और समृद्धि प्राप्त होने की कामना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का उत्साह और भक्तिमय वातावरण देखने को मिल रहा है। गणेशोत्सव आस्था, उल्लास और परंपरा का पर्व है और सभी श्रद्धालुओं को इसे श्रद्धा एवं आनंद के साथ मनाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने त्योहार के उत्साह के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बनाए रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एकजुट करने, भक्ति की भावना को मजबूत करने और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला पर्व भी है। इसलिए गणेशोत्सव मनाते समय परंपराओं का संरक्षण, पर्यावरण की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी—इन तीनों के बीच समन्वय बनाए रखना आवश्यक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव