डॉ. बाबासाहब आंबेडकर जयंती को उनके विचारों के उत्सव के रूप में मनाएं: मुख्यमंत्री
मुंबई, 03 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि भारतरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर जयंती को उनके विचारों के उत्सव के रुप में मनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री फडणवीस आज डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की 135वीं जयंती की तैयारियों के संदर्भ में सह्याद्री अतिथि गृह में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की ओर से दिए गए विचारों और संविधान ने देश को प्रगति की दिशा प्रदान की है। उनके कार्य और समाज के उत्थान के लिए किए गए योगदान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार हर वर्ष डॉ. बाबासाहब आंबेडकर जयंती को अधिक प्रभावी और भव्य रूप से मनाने का प्रयास करती है और इस वर्ष भी विभिन्न विभागों के समन्वय से इसे और अधिक व्यापक रूप में मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके विचारों और कार्यों की प्रेरणा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। डॉ. आंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में से एक है और इसके समावेशी सिद्धांतों के कारण भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। समाज को मिलने वाले अवसर, अधिकार और प्रगति के पीछे किसका योगदान है, यह नई पीढ़ी को समझना आवश्यक है। इसलिए जयंती समारोह केवल उत्सव न होकर विचारों के प्रसार का माध्यम बनना चाहिए।
इस बैठक में सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, पूर्व राज्यमंत्री भाई गिरकर, पूर्व विधायक प्रकाश गजभिये, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे, अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्र, नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव गोविंदराज, कोकण विभागीय आयुक्त रूबल अग्रवाल, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी, सामाजिक न्याय विभाग के प्रधान सचिव हर्षदीप कांबळे, भंते डॉ. राहुल बोधी महाथेरो, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिन समन्वय समिति के महासचिव नागसेन कांबले, दादर चैत्यभूमि स्मारक समिति के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

