एसआईआर के खिलाफ सीजेपी का आंदोलन अराजकता का ग्रामर : आशीष शेलार
-कहा- आपत्ति है तो संवैधानिक और कानूनी माध्यमों का इस्तेमाल करें
मुंबई, 02 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एवं भाजपा नेता एडवोकेट आशीष शेलार ने शुक्रवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ काॅकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन अराजकता का ग्रामर है।
शेलार ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और तय नियमों के तहत घोषित की है। ऐसे में इसके खिलाफ आंदोलन का कोई संवैधानिक आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका विरोध संवैधानिक और कानूनी माध्यमों का इस्तेमाल करना चाहिए। वे शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर का कार्यक्रम और पूरी प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है। राजनीतिक दलों को भी इसकी जानकारी दी गई है। आवेदन, दावे, सुनवाई और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रिया भी तय है। यदि किसी को प्रक्रिया पर आपत्ति है तो वह निर्वाचन आयोग के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है। इसके अलावा न्यायिक माध्यम भी उपलब्ध हैं।
शेलार ने कहा कि एसआईआर के दौरान किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो, इसके लिए आपत्ति और सुनवाई की व्यवस्था की गई है। ऐसे में विपक्ष को जनता के बीच भ्रम पैदा करने के बजाय उपलब्ध संवैधानिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के 25 नवंबर 1949 के संविधान सभा में दिए भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि जब संवैधानिक माध्यम उपलब्ध हों, तब गैर-संवैधानिक माध्यम अपनाना अराजकता का रास्ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव व्यवस्था पर राजनीतिक कारणों से सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश उचित नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

