home page

बदलते भारत की शिक्षा को मिलेगी नई दिशा, खोपोली में होगा ‘द स्कूल्स ऑफ इंडिया एजुकेशन समिट 2026’

 | 

मुंबई, 10 सितंबर (हि.स.)। भारत का शिक्षा क्षेत्र तेजी से बदलते तकनीकी और सामाजिक परिदृश्य के बीच एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। पारंपरिक शैक्षणिक मूल्यों को बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक को शिक्षा से जोडऩा, कक्षाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करना तथा हर छात्र तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना आज की प्रमुख चुनौतियां हैं। इन्हीं मुद्दों पर व्यापक मंथन और व्यावहारिक समाधान तलाशने के उद्देश्य से ‘द स्कूल्स ऑफ इंडिया एजुकेशन समिट 2026’ का आयोजन किया जा रहा है।

मालपाणी ग्रुप के निदेशक यशवर्धन मालपाणी ने बताया कि यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक खोपोली स्थित नोवोटेल इमेजिका में आयोजित होगा। सम्मेलन में देशभर के प्रमुख शिक्षाविद, प्रतिष्ठित स्कूलों के संस्थापक एवं प्रधानाचार्य, नीति निर्माता, एडटेक विशेषज्ञ और ्रढ्ढ शोधकर्ता एक मंच पर जुटेंगे। सम्मेलन में स्कूली शिक्षा के वर्तमान स्वरूप, भविष्य की जरूरतों और करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

अंकित पुष्पराज वर्मा ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य केवल विचार-विमर्श तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि ऐसी रणनीतियां और समाधान सामने लाना है, जिन्हें स्कूल स्तर पर व्यावहारिक रूप से लागू किया जा सके। सम्मेलन में शिक्षण पद्धतियों में बदलाव, पाठ्यक्रम में नवाचार, स्कूली नेतृत्व एवं संस्थागत प्रबंधन, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य तथा उनके सर्वांगीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर शिक्षा में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए के सुरक्षित, जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग पर भी विशेष सत्र एवं कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन सत्रों में यह समझने का प्रयास होगा कि तकनीक का उपयोग शिक्षकों की भूमिका को मजबूत करने और विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किस तरह किया जा सकता है।

इस अवसर पर ‘द स्कूल ऑफ इंडिया’ के संस्थापक अंकित पुष्पराज वर्मा और ‘ध्रुव स्कूल’ की प्रबंध निदेशक अनिष्का मालपाणी भी उपस्थित थीं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव