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लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए बदलाव जरूरी, महाराष्ट्र से होगी शुरुआत: डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद

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मुंबई, 01 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद ने गुरुवार को मुंबई में कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए बदलाव जरूरी है और इसकी शुरुआत महाराष्ट्र से होगी। उन्होंने कहा कि देश में स्वायत्त संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद ने गुरुवार को महाराष्ट्र के अपने पांच दिवसीय दौरे की शुरुआत की। डॉ. प्रसाद ने आरोप लगाया कि किसान आत्महत्या, बेरोजगारी, महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से उद्योगों का पलायन और बेरोजगारी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से किसानों, मजदूरों, युवाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के लिए काम करने का आह्वान किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पार्टी 31 दिसंबर तक बूथ, गांव और मंडल स्तर पर संगठन के विस्तार पर जोर देगी। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में बेरोजगारी, पेपर लीक और सूखे जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। समारोह में महाराष्ट्र के सूखे की स्थिति पर प्रस्ताव पारित कर चारा शिविर शुरू करने, पेयजल उपलब्ध कराने, किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की सहायता, छात्रों की फीस माफी, मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और कृषि मजदूरों को सहायता देने की मांग की गई।

इस अवसर पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, मुकुल वासनिक, अविनाश पांडे, बालासाहेब थोरात, नसीम खान, यशोमती ठाकुर, प्रणिति शिंदे समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव