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सूखाग्रस्त इलाकों के छात्रों से शुल्क लेने वाले कॉलेजों पर होगी कार्रवाई: चंद्रकांत पाटिल

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मुंबई, 12 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सोमवार को कहा कि राज्य के सूखाग्रस्त इलाकों के छात्रों से शुल्क वसूलने वाले कालेजों पर कार्रवाई की जाएगी। पाटिल ने कहा कि 34 जिलों के 265 तहसीलों में सूखे की स्थिति घोषित की गई है। सूखा प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आर्थिक राहत देने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने परीक्षा शुल्क माफ करने संबंधी परिपत्र जारी किया है।

चंद्रकांतदादा पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क नहीं वसूलने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद यदि कोई कॉलेज विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क वसूलता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मराठवाड़ा सहित सूखाग्रस्त क्षेत्रों में किसानों और आम परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों पर परीक्षा शुल्क का अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें राहत प्रदान करना है। पाटिल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया है कि सरकारी आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क न वसूला जाए। साथ ही, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकारी आदेशों का उल्लंघन कर परीक्षा शुल्क वसूलने वाले कॉलेजों पर नजर रखें और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें। पाटिल ने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करना और उनकी आर्थिक परेशानियों को कम करना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए संबंधित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को निर्देशों का पालन करते हुए विद्यार्थियों को आवश्यक राहत देनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव