गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए 2129 जगहों पर छापा : छगन भुजबल
मुंबई, 16 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र के अन्न और नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार को विधान सभा में बताया कि सूबे में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए विजिलेंस टीमों ने जनवरी से 15 मार्च, 2026 के बीच 2129 जगह छापा मारा।
इस ऑपरेशन में 1208 गैस सिलेंडर ज़ब्त किए गए हैं और ज़ब्त किए गए सामान की कीमत 33 लाख 66 हज़ार 411 रुपये है। इस मामले में 23 केस दर्ज किए गए हैं।
अन्न और नागरी आपूर्ति मंत्री भुजबल ने विधान सभा को बताया कि राज्य सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई चेन को सुचारू बनाने और कालाबाजारी रोकने के लिए जिला स्तर पर विजिलेंस टीम बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही जिला कलेक्टरों और फील्ड अधिकारियों को कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। भुजबल ने कहा कि मिडिल ईस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालात के कारण फ्यूल सप्लाई पर दबाव की संभावना को ध्यान में रखते हुए, केंद्र और राज्य सरकारों ने एलपीजी सप्लाई को सुचारू रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।
पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई, कंट्रोल और कीमत तय करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है और इसी के हिसाब से, 5 मार्च, 2026 को तेल कंपनियों को मुख्य रूप से घरेलू इस्तेमाल के लिए एलपीजी सप्लाई करने का निर्देश दिया गया है। केंद्र सरकार ने 7 मार्च, 2026 से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 852.50 रुपये से बढ़ाकर 912.50 रुपये कर दी है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी 1720.50 रुपये से बढ़ाकर 1835 रुपये कर दी गई है। उन्हाेने कहा कि गैस की कमी से निपटने के लिए राज्य सरकार ने गैस की जगह केरोसीन की सप्लाई करने का विचार कर रही है।
है।
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, कमर्शियल एलपीजी सप्लाई के लिए प्राथमिकता वाले एरिया तय किए गए हैं। हॉस्पिटल, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, श्मशान घाट, ओल्ड एज होम और अनाथालयों को 100 परसेंट सप्लाई दी जा रही है। डिफेंस, सरकारी डिपार्टमेंट, रेलवे, एविएशन के साथ-साथ पुलिस और जेलों की कैंटीन को 70 परसेंट सप्लाई दी जा रही है और महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन, फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री, सीड प्रोसेसिंग और फिशरीज़ सेक्टर की कैंटीन को 50 परसेंट सप्लाई दी जा रही है।
इस बीच, रिफाइनरी में एलपीजी प्रोडक्शन भी 9,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 11,000 मीट्रिक टन कर दिया गया है। डिस्ट्रिक्ट लेवल पर स्पेशल कमेटियां और कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और ऑयल कंपनियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर के साथ रेगुलर मीटिंग की जा रही हैं। एलपीजी बुकिंग ऐप में टेक्निकल दिक्कतों को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं और ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए मिस्ड कॉल सर्विस और पुलिस सुरक्षा भी दी जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

