सीबीआई ने 40 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में एडिशनल सीजीएसटी कमिश्नर और सुपरिटेंडेंट को गिरफ़्तार किया
मुंबई, 28 अगस्त (हि.स.)। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने 40 लाख रुपये की कथित रिश्वतखोरी के मामले में रायगढ़ में सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (सीजीएसटी) के एडिशनल कमिश्नर के तौर पर तैनात एक आईआरएस अधिकारी, एक जीएसटी सुपरिटेंडेंट और एक प्राइवेट व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है। इस मामले की छानबीन सीबीआई की टीम कर रही है।
इस मामले की छानबीन कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सीजीएसटी रायगढ़ के एडिशनल कमिश्नर और 2009 बैच के आईआरएस अधिकारी विनय कुमार कंथेती, जीएसटी रायगढ़ के सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और प्राइवेट व्यक्ति नरिंदर राजपूत के तौर पर हुई है। सीबीआई ने सिन्हा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने पत्थर की खदान (स्टोन-क्वेरी) चलाने वाली एक फ़र्म से जुड़े जीएसटी/रॉयल्टी के मामले को सुलझाने के लिए शिकायतकर्ता से 1.50 करोड़ रुपये की मांग की थी। बाद में बातचीत के ज़रिए यह मांग घटाकर 40 लाख रुपये कर दी गई थी। इन दोनों अधिकारियों ने रिश्वत लेने के लिए राजपूत को भेजा था। सीबीआई ने जाल बिछा कर राजपूत को शिकायतकर्ता से 40 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। बाद में सिन्हा और कंथेती ने रिश्वत की रकम लेने की बात स्वीकार कर ली है। आरोपितों से जुड़ी जगहों पर तलाशी के दौरान 43 लाख रुपये नकद और लगभग 90 लाख रुपये कीमत के गहने बरामद किए गए। मामले की आगे की जांच चल रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

