शिवसेना शिंदे समूह के विधायक पर प्रकाशक को धमकाने का मामला दर्ज हो : शाहू छत्रपति
मुंबई, 24 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र के कोल्हापुर के सांसद शाहू महाराज छत्रपति ने शुक्रवार को कोल्हापुर में कहा कि शिवाजी कौन थे, नामक किताब के प्रकाशक को धमकाने वाले विधायक संजय गायकवाड़ पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गायकवाड़ का इस मामले में उनका विधायक पद भी रद्द किया जाना चाहिए।
शाहू छत्रपति ने आज पत्रकारों को बताया कि संजय गायकवाड़ को समझना चाहिए कि किसके बारे में और क्या बात करनी है। उन्होंने संजय गायकवाड़ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई। सरकार को इस संबंध में जल्द से जल्द जो भी कार्रवाई सही लगे, वह करनी चाहिए। इस सरकार में कुछ चीजें तुरंत नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि संजय गायकवाड़ ने जिस तरह से बयान दिया, वह बिल्कुल भी सही नहीं है। जनता अब संजय गायकवाड़ के बयान पर ध्यान देगी।
उल्लेखनीय है कि शिवसेना शिंदे समूह के विधायक संजय गायकवाड़ ने गुरुवार को 'शिवाजी कौन थे?' किताब के प्रकाशक प्रशांत अंबी को फोन करके गाली दी थी, उनसे कहा था कि उन्होंने शिवाजी महाराज का अपमान किया है। इसके बाद इस किताब के लेखक गोविंद पानसरे को भी गाली देते हुए कहा था, तुम्हें पता है कि उस गोविंद पानसरे का क्या हुआ, उसके साथ क्या हुआ? इसके बाद गायकवाड़ ने प्रशांत अंबी को धमकी देते हुए कहा कि मैं तुम्हारे घर में घुसकर तुम्हें भी मारूंगा, . . . काट दूंगा।
इस धमकी के बाद प्रकाशक प्रशांत अंबी ने गुरुवार को कोल्हापुर के राजारामपुरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन, पुलिस ने तुरंत संजय गायकवाड़ के खिलाफ केस दर्ज करने से मना कर दिया। पुलिस ने प्रशांत अंबी से कहा कि हम अपने वकीलों से बात करेंगे और आपको बताएंगे।
इसी वजह से आज सांसद शाहू महाराज छत्रपति ने संजय गायकवाड़ के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार शनिवार को इस मामले के मद्देनजर कोल्हापुर का दौरा करेंगे।
हालांकि इस मामले से शिवसेना शिंदे समूह ने अपने आपको अलग कर लिया है। विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे ने कहा कि यह सब संजय गायकवाड़ का व्यक्तिगत मामला है। जबकि शिंदे समूह के प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने कहा कि संजय गायकवाड़ के अनाप शनाप हरकतों और व्यक्तव्यों का असर पार्टी पर पड़ता है। इतना ही नहीं इससे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की छवि भी प्रभावित होती है। इसलिए संजय गायकवाड़ के व्यक्तव्यों का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

