कैंसर मरीजों को बड़ी राहत : महात्मा फुले और आयुष्मान भारत योजना में शामिल हुआ पीईटी-सीटी स्कैन
मुंबई, 17 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को कैंसर मरीजों को बड़ी राहत देते हुए पीईटी-सीटी स्कैन को महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इस निर्णय से मरीजों को महंगी जांच के लिए अपनी जेब से खर्च करने का बोझ कम होगा और बीमारी का समय पर पता लगाने तथा इलाज की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सरकारी निर्णय जारी किया है। इस निर्णय के अनुसार, पीईटी-सीटी स्कैन को कैंसर के इलाज से जुड़े 63 पैकेज में अतिरिक्त डायग्नोस्टिक प्रक्रिया के रूप में शामिल किया गया है। पहले यह सुविधा 44 उपचार पैकेज में उपलब्ध थी। इसके अलावा, 13 प्रकार के कैंसर के लिए पीईटी-सीटी स्कैन को स्वतंत्र या प्राथमिक डायग्नोस्टिक प्रक्रिया के रूप में भी मंजूरी दी गई है। पीईटी-सीटी स्कैन कैंसर का पता लगाने, बीमारी के चरण का निर्धारण करने और उपचार के परिणामों की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण जांच है। इसकी अधिक लागत के कारण कई मरीज जांच टाल देते हैं, जिससे बीमारी की पहचान और सही उपचार शुरू करने में देरी हो सकती है।
इस समस्या को देखते हुए मरीजों और अस्पतालों की ओर से लंबे समय से इस जांच को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल करने की मांग की जा रही थी। सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश अबितकर की सलाह पर गठित स्वतंत्र अध्ययन समिति की सिफारिशों पर विचार करने के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया। सरकारी निर्णय के अनुसार, पूरे शरीर के पीईटी-सीटी स्कैन की दर 20,400 रुपये, मस्तिष्क की जांच की 14,650 रुपये, गैलियम-68 जांच की 15,000 रुपये और हृदय की जांच की 9,400 रुपये निर्धारित की गई है।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा जांच की चिकित्सकीय आवश्यकता प्रमाणित करना अनिवार्य होगा। संबंधित मान्यता प्राप्त अस्पताल के पास आवश्यक तकनीकी सुविधाएं, उपकरण, योग्य कर्मचारी और अपना पीईटी-सीटी केंद्र होना चाहिए। जांच से पहले पूर्व अनुमति और जरूरी मेडिकल दस्तावेज भी जमा करने होंगे।
योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसाइटी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के टीएमसी 2.0 सिस्टम में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से कैंसर मरीजों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

