महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में स्टाम्प ड्यूटी में छूट सहित हुए 8 फैसले
मुंबई, 11 अगस्त, (हि.स.। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को स्टाम्प ड्यूटी में छूट सहित 8 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इनमें रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने, जमीन अधिग्रहण, कृषि विभाग के पुनर्गठन आदि शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार आज कैबिनेट की बैठक में राज्य में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए गठित कंपनियों के समूह या विशेष प्रयोजन वाली कंपनियों के बीच जमीन के आंतरिक हस्तांतरण पर स्टाम्प ड्यूटी माफ करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए खरीदी गई जमीन की ट्रांसफर फीस पर 25 प्रतिशत की छूट देने को भी मंजूरी दी गई है। जमीन अधिग्रहण का मुआवजा देने में देरी होने पर देय ब्याज दर में बदलाव करने का फैसला लिया गया है।
इसके लिए ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनस्र्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ की धारा 72 में संशोधन किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में राज्य के कृषि विभाग में प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत कृषि निदेशक, कृषि संयुक्त निदेशक समेत चार पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है। विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों की नई संरचना के अनुरूप इन पदों को मंजूरी दी गई है। एग्रीस्टैक से जुड़े कामकाज के लिए अतिरिक्त निदेशक जैसे पदों को भी मंजूरी दी गई है। इसी तरह लातूर जिले के किलारी स्थित श्री नीलकंठेश्वर शेतकरी सहकारी चीनी मिल को पूंजीगत खर्च और कार्यशील पूंजी के लिए नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से ऋण लेने की अनुमति दी गई है। मिल के लिए करीब 18 करोड़ 9 हजार रुपये के ऋण प्रस्ताव को हृष्टष्ठष्ट के पास भेजा जाएगा।
सेल्फ-फाइनेंसिंग आधार पर निजी कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने से संबंधित नियमों में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके लिए मौजूदा दिशानिर्देशों में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। वरिष्ठ महाविद्यालयों में सोशल वर्क जैसे स्वतंत्र संकाय शुरू करने, नए पाठ्यक्रम और अतिरिक्त बैच शुरू करने की अनुमति देने का फैसला किया गया है। सोशल वर्क कॉलेजों में भी स्थायी गैर-अनुदान आधार पर नए पाठ्यक्रम और अतिरिक्त बैच शुरू किए जा सकेंगे।
नांदेड़ जिले के हडगांव में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही सरकारी वकील का कार्यालय भी बनाया जाएगा। न्यायालय के लिए आवश्यक न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के पदों के साथ-साथ उनके वेतन एवं अन्य खर्चों के प्रावधान को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में निवेश को आसान बनाने के लिए जमीन के हस्तांतरण से जुड़ी प्रक्रियाओं में राहत देने का फैसला किया है। स्टाम्प ड्यूटी में छूट और ट्रांसफर फीस में 25 प्रतिशत की कटौती से इन परियोजनाओं की लागत कम होने और राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

