ठाकरे भाइयों के ‘गर्जना मोर्चा’ पर भाजपा का पलटवार, एसआईआर पर विपक्ष से पूछे चार सवाल
मुंबई, 04 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के ‘गर्जना मोर्चा’ पर पलटवार किया। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करने वाले विपक्षी दलों से चार सवाल के जवाब मांगे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में घुसपैठियों, मृत व्यक्तियों और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नाम जैसे मुद्दों पर विपक्ष को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
रवींद्र चव्हाण ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में एसआईआर को लेकर दिए गए बयान का वीडियो साझा करते हुए पूछा कि क्या घुसपैठियों को यह तय करने का अधिकार मिलना चाहिए कि देश का प्रधानमंत्री या राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा? उन्होंने पूछा कि क्या एक मतदाता को एक से अधिक स्थानों पर मतदान की अनुमति होनी चाहिए और क्या मृत नागरिकों के नाम मतदाता सूची में बने रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर का विरोध करने वाले नेता पहले इन सवालों का जवाब दें।
उन्होंने विपक्ष पर चुनाव परिणामों के आधार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर चुनाव आयोग सही होते हैं, लेकिन हारने पर इन्हीं पर सवाल उठाए जाते हैं।
भाजपा नेता आशीष शेलार ने भी ठाकरे भाइयों के मार्च पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज का मार्च ‘गर्जना मोर्चा’ नहीं, बल्कि ‘सियार मोर्चा’ था। उन्होंने विपक्ष पर चुनावी मुद्दों को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने भी मार्च पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की गैरमौजूदगी से आंदोलन की एकजुटता पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि मार्च का प्रभाव अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

