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कर्जत के फार्महाउस के लिए कितने पेड़ काटे गए, यह आदित्य ठाकरे बताएं : नवनाथ बन

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मुंबई, 27 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि उन्हें यह भी बताना चाहिए कि कर्जत स्थित उनके फार्महाउस के निर्माण के लिए आखिर कितने पेड़ काटे गए थे।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नवनाथ बन आज पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्जत में टोरेंट परियोजना को मंजूरी महाराष्ट्र के हर घर तक बिजली पहुंचाने और राज्य को लोडशेडिंग से मुक्त करने के उद्देश्य से दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों का इतिहास लवासा में जंगलों और पहाडिय़ों की कटाई तथा आदिवासियों के हितों की अनदेखी से जुड़ा रहा है, उन्हें मुख्यमंत्री पर सवाल उठाने से पहले अपने रिकॉर्ड पर भी नजर डालनी चाहिए।

बन ने कहा कि पहले किसी परियोजना का विरोध किया जाता है और जब वह महाराष्ट्र से बाहर चली जाती है, तब यही लोग यह कहकर हंगामा करते हैं कि राज्य की परियोजनाएं दूसरे राज्यों में जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब सह्याद्री पर्वतमाला में कोयना परियोजना शुरू की गई थी। आज इस परियोजना से बड़े पैमाने पर बिजली का उत्पादन होता है। यदि उस समय कोयना परियोजना का विरोध किया गया होता, तो संभव है कि राज्य को इस जलविद्युत परियोजना का लाभ नहीं मिल पाता।

इसी तरह विकास परियोजनाएं महाराष्ट्र की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। परियोजना की जानकारी देते हुए बन ने दावा किया कि टोरेंट परियोजना से लगभग 3,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। उनके अनुसार, इस परियोजना से हर साल 16 लाख टन कोयले के दहन से बचा जा सकेगा और वातावरण में लगभग 1 करोड़ 15 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। उन्होंने दावा किया कि इतनी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने के लिए लगभग 22 से 24 करोड़ पेड़ों की जरूरत होती। उन्होंने कहा कि परियोजना से हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा। इसके बावजूद परियोजना का विरोध किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने आदित्य ठाकरे से यह भी पूछा कि टोरेंट कंपनी से उनकी पार्टी को चंदे के रूप में कितनी राशि मिली है। उन्होंने दावा किया कि उनकी जानकारी के अनुसार, पिछले पांच-छह वर्षों में टोरेंट कंपनी ने आदित्य ठाकरे की पार्टी को करोड़ों रुपये का चंदा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर कंपनी से करोड़ों रुपये का चंदा लेना और दूसरी ओर उसकी परियोजना का विरोध करना दोहरी भूमिका निभाने जैसा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव