महाराष्ट्र की विकास परियोजनाओं का विरोध कराने की साजिश रच रही कांग्रेस : नवनाथ बन
मुंबई, 28 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महाराष्ट्र प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने बुधवार को कांग्रेस पर पर्यावरणवादियों को आगे कर राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं का विरोध कराने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की एक बैठक में वाढवण बंदरगाह, मोरबे परियोजना, तीसरी और चौथी मुंबई, बुलेट ट्रेन तथा परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के विरोध की रणनीति तैयार की गई थी।
नवनाथ बन ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की अध्यक्षता में मुंबई के टिलक भवन में हुई एक बैठक में इन परियोजनाओं के विरोध को लेकर चर्चा की गई थी। उनके अनुसार, बैठक में सपकाल के अलावा धनंजय शिंदे और दीपक पवार भी शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि इसी बैठक के बाद टोरेंट परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गए।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने के लिए लोगों को पैसे देकर विरोध प्रदर्शन कराने की योजना बनाई जा रही है। उनका दावा है कि इसका उद्देश्य महाराष्ट्र में प्रस्तावित परियोजनाओं को रद्द कराकर उन्हें कांग्रेस शासित कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में स्थानांतरित कराना है।
बन ने कहा कि मुंबई की बढ़ती आबादी और आवास संबंधी जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार तीसरी और चौथी मुंबई विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित बैठक में इन योजनाओं का विरोध करने की भी रणनीति बनाई गई थी।
वाढवण बंदरगाह परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश की प्रमुख बंदरगाह परियोजनाओं में से एक है और इससे महाराष्ट्र में लगभग 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना का विरोध कर राज्य में निवेश और विकास की संभावनाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे की आड़ में कांग्रेस राजनीतिक उद्देश्य साधने की कोशिश कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र की जनता विकास परियोजनाओं का समर्थन करेगी और उनका विरोध सफल नहीं होगा।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

