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महाराष्ट्र में देसी गाय अनुसंधान केंद्र का नाम ‘अजीतदादा पवार’ के नाम पर रखने को मंजूरी

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मुंबई, 2 मार्च (एचएस)। महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भराणे ने सोमवार को घोषणा की कि देसी गाय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र का नाम बदलकर ‘अजीतदादा पवार’ के नाम पर रखने को मंजूरी दे दी गई है।

इससे पहले महाराष्ट्र कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान परिषद की 122वीं बैठक पुणे के भोसलेनगर में कृषि मंत्री दत्तात्रेय भराणे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से स्वदेशी गौ अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र का नाम बदलकर “अजीतदादा पवार स्वदेशी गौ अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र” रखने का प्रस्ताव पारित किया गया।

बैठक में केंद्र को सशक्त बनाने के लिए शेष व्यय हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करने की सिफारिश भी की गई। चरण-2 के तहत केंद्र के विकास के लिए 56 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इस राशि से गौशाला, साइलो बंकर, बायोगैस इकाई, खाद निर्माण एवं भंडारण इकाई, प्रयोगशाला, किसान छात्रावास, प्रशिक्षण हॉल, प्रशासनिक एवं आवासीय भवनों का निर्माण किया जाएगा।

कृषि मंत्री दत्तात्रेय भराणे ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की परिकल्पना पर की गई थी। उन्होंने बताया कि यह केंद्र देसी गायों की बहुमूल्य एवं दुर्लभ नस्लों के संरक्षण, दूध उत्पादन में वृद्धि तथा किसानों को टिकाऊ खेती की दिशा में मार्गदर्शन देने जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र का नाम अजीतदादा पवार के नाम पर रखकर उनके योगदान और स्मृतियों को संरक्षित किया जाएगा। बैठक में राज्य में कृषि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, अनुसंधान को अधिक प्रभावी बनाने और किसानों तक नई तकनीकों के प्रसार को तेज करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में कृषि विभाग के प्रधान सचिव विकास चंद्र रस्तोगी, कृषि आयुक्त सूरज मंधारे, परिषद की सचिव एवं महानिदेशक डॉ. वर्षा लद्धा-उंटवाल, उपाध्यक्ष तुषार पवार, कुलपति डॉ. संजय भावे, डॉ. इंद्र मणि, डॉ. विला खड़के, डॉ. शरद गडख, गैर-सरकारी सदस्य विनायक काशिद, कृषि वैज्ञानिक विनायक कटकडे, उप सचिव प्रतिभा पाटिल, डॉ. मंगल कदम, डॉ. प्रशांत बोडके सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव