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महाराष्ट्र को टैंकरमुक्त बनाने का श्रेय अण्णासाहेब डांगे को है : मुख्यमंत्री

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मुंबई, 09 अगस्त, (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को सांगली में कहा कि महाराष्ट्र को टैंकरों के जाल से मुक्त करने और हर गांव तक पेयजल पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम करने का श्रेय पूर्व मंत्री डॉ. अण्णासाहेब डांगे को जाता है। उन्होंने कहा कि डांगे ने प्रशासनिक पकड़, विषय के गहन अध्ययन और जमीनी स्तर की समस्याओं की समझ के बल पर समाज के विभिन्न वर्गों के लिए उल्लेखनीय कार्य किया।

मुख्यमंत्री फडणवीस आज सांगली जिले के वालवा तहसील के आष्टा में डॉ. अण्णासाहेब डांगे के नागरिक अभिनंदन, उनके आत्मचरित्र ‘आम्रवृक्ष’ के विमोचन तथा आष्टा शैक्षणिक परिसर की विभिन्न इमारतों के लोकार्पण का कार्यक्रम को संबोधित कर

रहे थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा संसदीय कार्य मंत्री और सांगली के पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील ने की।

कार्यक्रम में शिक्षा, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन में दीर्घकालीन योगदान के लिए संत ज्ञानेश्वर शिक्षण संस्था के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. अण्णासाहेब डांगे का मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर उनके जीवन पर आधारित आत्मचरित्र ‘आम्रवृक्ष’ का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने डांगे को पितृतुल्य व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि 1980 के दशक के अंत में किसानों की कर्जमाफी के आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और किसानों के सवालों को व्यापक राजनीतिक स्वरूप दिया। उन्होंने कहा कि जब अण्णासाहेब डांगे जलापूर्ति मंत्री थे, तब उन्होंने महाराष्ट्र को टैंकरमुक्त करने का संकल्प लिया था। प्रत्येक गांव में पेयजल उपलब्ध कराने की योजना बनाते हुए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की स्थापना की गई और गांव-गांव जलापूर्ति की जिम्मेदारी को आगे बढ़ाया गया।

मुख्यमंत्री ने चौंडी में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर के जन्मस्थान की खोज और उसके विकास तथा वाटेगांव में लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे के स्मारक के कार्य में डांगे के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि चौंडी के विकास के लिए राज्य सरकार ने 700 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है, जबकि अण्णाभाऊ साठे स्मारक के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

इस कार्यक्रम में सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, ग्राम विकास एवं पंचायत राज मंत्री जयकुमार गोरे, राज्यसभा सदस्य धनंजय महाडिक, लोकसभा सदस्य धैर्यशील माने सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षण संस्था के पदाधिकारी, विद्यार्थी, शिक्षक और नागरिक उपस्थित थे। डॉ. अण्णासाहेब डांगे ने अभिनंदन के लिए आभार व्यक्त करते हुए अपने जीवन के विभिन्न पड़ावों की स्मृतियां साझा कीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव