पोश नियम लागू न करने वाले 83 कार्यालयों को कारण बताओ नोटिस
मुंबई, 11 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र में ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिरोध और निवारण) अधिनियम, 2013’ यानी पोश के प्रावधानों का पालन न करने वाले 83 कार्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह जानकारी मुंबई शहर की जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी शोभा शेलार ने मंगलवार को दी।
शोभा शेलार ने बताया कि कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी सरकारी और निजी कार्यालयों, संस्थानों, कंपनियों और उनकी शाखाओं में ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिरोध और निवारण) अधिनियम, 2013’ यानी पोश के प्रावधानों का पालन अनिवार्य है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जून 2026 से राज्यभर में सरकारी और निजी कार्यालयों, संस्थानों, कंपनियों तथा उनकी शाखाओं में पोश के प्रावधानों के पालन की जांच शुरू की है। इसके लिए राज्यभर में 4 हजार से अधिक निरीक्षण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। अब तक राज्य में 3,579 सरकारी और 3,296 निजी कंपनियों एवं कार्यालयों सहित कुल 6,875 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। वहीं, मुंबई शहर जिले में 59 सरकारी और 94 निजी कंपनियों एवं कार्यालयों की जांच की गई है।
नियमों का पालन नहीं करने पर इनमें से 83 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि संबंधित प्रतिष्ठान निर्धारित समयसीमा में आवश्यक अनुपालन पूरा नहीं करते हैं, तो पोश 2013 के प्रावधानों के तहत जिला अधिकारी तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, मुंबई शहर द्वारा 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी सरकारी और निजी कार्यालयों, संस्थानों, कंपनियों और उनकी शाखाओं से केंद्र सरकार के एसएचई पोर्टल पर पंजीकरण कराने, आंतरिक शिकायत समिति (इंटरनल कंपेलन्ट कमेटी) का गठन एवं पंजीकरण करने, समिति और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने, वार्षिक रिपोर्ट जमा करने तथा पोर्टल पर जानकारी नियमित रूप से अपडेट रखने की अपील की है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी शोभा शेलार ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों से आवश्यक प्रक्रिया तत्काल पूरी कर विभाग के साथ सहयोग करने का आग्रह किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

