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पुणे बिल्डिंग हादसे में तीन की मौत, १३ लोग बचाए गए

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मुंबई, 11 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी चिंचवड़ इलाके स्थित मोर्शी में हुए बिल्डिंग हादसे में शनिवार तक तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद आज चौथे दिन जारी राहत और बचाव कार्य के दौरान १३ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

मौके पर मलवे में दबे सात लोगों की तलाश का काम जारी है। घटनास्थल पर पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम की टीम, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम, भारतीय नौसेना की टीम राहत और बचाव कार्य कर रही है। बिल्डिंग गिरने की छानबीन पुणे पुलिस कर रही है।

इस घटना की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि आज दोपहर में मोर्शी गारबेज डिपो में चल रहे तलाशी अभियान के दौरान दो लोगों के शव बाहर निकाले गए। घटनास्थल से शुक्रवार को एक शव निकाला गया था। इस तरह इस घटना में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को जब यहां तीन मंजिला बिल्डिंग गिरी तो मौके पर २३ लोग काम कर रहे थे। जब बिल्डिंग गिरी, उसी समय पांच लोग घटनास्थल से खुद भाग कर बाहर निकल गए थे। इसके बाद ९ लोगों को बाहर निकाला गया, इनमें एक शव था और आज दो शव बाहर निकाले गए हैं । इस तरह कुल २३ कर्मचारियों में से तीन लोगों के शव के साथ कुल १६ लोगों को बाहर निकाला गया है। अभी भी मौके पर सात लोगों को ढ़ूंढने का काम जारी है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने आज मौके का दौरा किया और कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस घटना में मृतकों के परिजनों को पांच पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम ने मृतकों को परिजनों को प्रत्येक दस लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की घोषणा की है।

हालांकि इस बीच यहां सुस्त गति से चल रहे राहत और बचाव कार्य को लेकर लोगों में नाराजगी व्याप्त है। इसको देखते हुए आज अतिरिक्त नगर निगम की आयुक्त कुलदीप जंगम के नेतृत्व में अत्याधुनिक जॉ क्रैशर मशीन के सहयोग से मलवा हटाने का काम जारी है। जंगम ने बताया कि आज ही यहां मलवा हटाने और मलवे में दबे लोगों की तलाश का काम पूरा कर लिया जाएगा। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के महापौर रवि लांडगे ने कहा कि पूरे शहर का कचरा एक ही जगह अर्थात घटनास्थल पर आता है, इससे यहां कचरे अंबार लगा हुआ है। इसलिए शहर में एक और कचरा डिपो बनाया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव