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सोशल मीडिया इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी करने वाले राजस्थान से दो आरोपित गिरफ्तार

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मुंबई, 06 सितंबर (हि.स.)। ओशिवारा पुलिस स्टेशन की टीम ने सोशल मीडिया पर फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाकर लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपितों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों पर एक महिला को कम रकम के बदले भारी रिटर्न का लालच देकर कुल 73,521 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस मामले की गहन छानबीन जारी है।

इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि ओशिवारा की रहने वाली महिला को फेसबुक पर ‘विझार्ड ट्रेडर्स ७’ नाम का एक पेज मिला था। इस पेज पर एक निवेश योजना का विज्ञापन किया गया था, जिसमें 99 रुपये के भुगतान पर 9,999 रुपये का रिटर्न देने का दावा किया गया था। महिला ने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उसे एक इंस्टेंट मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप के जरिए एक अज्ञात व्यक्ति से संपर्क करने के लिए कहा गया। आरोपित ने उसे कथित निवेश योजना के बारे में जानकारी दी और पैसे लगाने के लिए राजी किया। महिला ने शुरुआत में 99 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इसके बाद आरोपितों ने उससे लगातार संपर्क कर अलग-अलग कारणों से कई और भुगतान करने को कहा।

पुलिस के अनुसार, महिला ने रात से लेकर सुबह करीब 3.30 बजे तक 22 बार पैसे ट्रांसफर किए, जिससे उसे कुल 73,521 रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद महिला ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाया। शिकायत मिलने के बाद ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने लेनदेन से जुड़े डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के आधार पर सोशल मीडिया पेज संचालित करने वाले संदिग्धों को राजस्थान में ट्रैक किया गया। इसके बाद मुंबई पुलिस की एक टीम दौसा और जयपुर पहुंची। पुलिस टीम ने करीब चार दिनों तक आरोपितों की तलाश की, क्योंकि वे लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे।

इसके बाद जयपुर के शिवदासपुरा पुलिस स्टेशन की स्थानीय पुलिस की मदद से मुंबई पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपितों की पहचान 21 वर्षीय दीपक सीताराम मीणा और 30 वर्षीय हरकेश गोपाल मीणा के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपितों के पास से करीब 70 हजार रुपये कीमत के तीन मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक डेबिट कार्ड और एक क्यूआर स्कैनर कोड बरामद किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों ने इसी तरीके से और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या वे पहले भी साइबर धोखाधड़ी के अन्य मामलों में शामिल रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव